राम मंदिर दान विवाद पर अखिलेश का हमला, बोले- SIT जांच के पीछे सच्चाई दबाने की कोशिश

HIGHLIGHTS
- अखिलेश यादव ने राम मंदिर के कथित दान विवाद की जांच SIT को सौंपे जाने पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर आंतरिक सत्ता संघर्ष का आरोप लगाया।
- सपा प्रमुख ने कहा कि यदि ED, CBI या आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियां जांच करतीं तो जवाबदेही और पारदर्शिता अधिक होती।
- भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष राम मंदिर और आस्था से जुड़े मुद्दों पर राजनीति कर रहा है।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर में कथित दान गड़बड़ी मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने के बजाय विशेष जांच दल (SIT) के हवाले किए जाने के पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने बिना सीधे नाम लिए भाजपा के भीतर सत्ता के अलग-अलग केंद्र होने की ओर इशारा किया। उनका कहना था कि जांच की दिशा और स्वरूप पर आंतरिक राजनीतिक समीकरणों का असर दिखाई देता है।
सपा प्रमुख ने कहा कि यदि मामले की जांच ईडी, सीबीआई या आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों के जरिए होती, तो इसकी जवाबदेही अलग स्तर पर होती। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि SIT की रिपोर्ट आखिर किसके पास जाएगी और जांच की निगरानी कौन करेगा।
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि धन और सत्ता के प्रभाव में कुछ लोग मर्यादा की सीमाएं भूल गए हैं। उन्होंने भगवान राम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक आस्था से जुड़े मामलों में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए।
उधर, भाजपा ने सपा प्रमुख के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण जरूर है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।
पाठक ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने अतीत में राम मंदिर आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर विरोधी रुख अपनाया था। उन्होंने कहा कि जिन दलों ने पहले राम मंदिर पर सवाल उठाए, उन्हें अब इस विषय पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
राम मंदिर से जुड़े कथित दान विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर विपक्ष जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा इसे आस्था के मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश बता रही है।
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