'बिहारवासियों को इस बार 4 दिवाली मनानी हैं', अररिया में बोले अमित शाह

अररिया/बिहार। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने फारबिसगंज हवाई पट्टी मैदान में आयोजित भाजपा के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार बिहारवासी चार‑चार दीपावली मनाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि एनडीए को दो‑तिहाई बहुमत से विजयी बनाया गया तो राज्य से घुसपैठियों को हटाने का काम त्वरित रूप से किया जाएगा। शाह ने 2025 विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का लक्ष्य 160 प्लस सीटें घोषित कीं और अपने तेवर से विपक्ष पर हमला बोला।
शाह ने सभा में चार‑चार दीपावली मनाने का क्रम बताकर चुनावी संदेश दिया- पहला तो राम लौटने के सौभाग्य के रूप में; दूसरा उन महिलाओं के नाम जो मोदी सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हुईं; तीसरा जीएसटी सुधारों के कारण सैकड़ों वस्तुओं की कीमतों में गिरावट के लिए; और चौथा उस दिन की खुशी जब एनडीए‑भाजपा बिहार में 160 से अधिक सीटों के साथ सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार दिवाली पर केवल स्वदेशी सामान खरीदा जाएगा।
गृहमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि दो‑तिहाई बहुमत मिलने पर राज्य से “घुसपैठियों” को चुन‑चुनकर बाहर किया जाएगा। इस संदर्भ में उन्होंने राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव पर भी तीखी टिप्पणी की और आरोप लगाए कि कुछ विपक्षी नेता घुसपैठियों के हित में आवाज उठाते हैं, जबकि स्थानीय युवाओं और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
शाह ने बिहार में पूर्व सरकारों पर भी निशाना साधा और कहा कि लालू‑परिवार एवं अन्य विरोधी दलों के समय में राज्य के संसाधनों का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछले 11 सालों में सरकार ने बड़ा काम किया और भ्रष्टाचार के कोई ठोस आरोप सिद्ध नहीं हो पाए।
वहां उन्होंने सीमांचल के चुनावी परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि 2020 के चुनाव में किशनगंज को छोड़ कर अन्य जिलों में एनडीए ने अच्छा प्रदर्शन किया था और इस बार किशनगंज का शेष काम भी पूरा करने का लक्ष्य है। शाह ने यह भी कहा कि उनके लिए यह चुनाव न केवल राजनीतिक जीत का, बल्कि घुसपैठियों को लेकर सख्त निर्णय लेने और कोसी क्षेत्र को बाढ़‑मुक्त करने का भी अवसर है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रदेश और स्थानीय स्तर के कार्यकर्ता मौजूद थे और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस तरह के संवाद से बूथ‑स्तर की तैयारियाँ तेज होंगी और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को नई दिशा मिलेगी।
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