लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 10 करोड़ की फिरौती मांगने वाला गिरोह पकड़ा

मध्य प्रदेश। खरगोन जिले के कसरावद थाना क्षेत्र में पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर फायरिंग कर 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।
एसपी रविंद्र वर्मा ने बताया कि यह घटना 17 मार्च 2026 की है। भीलगांव निवासी सत्येंद्र राठौड़ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके और उनके पिता दिलीप राठौड़ के वॉट्सएप पर एक इंटरनेशनल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर बताया और दावा किया कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है। आरोपी ने फायरिंग का वीडियो भेजते हुए 10 करोड़ रुपए की मांग की और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की और सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर की सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच शुरू की। करीब 15 दिनों की मेहनत के बाद पुलिस ने गिरोह का खुलासा किया। जांच में पता चला कि मुख्य षड्यंत्रकारी लोकेन्द्र पिता हरिसिंह पंवार (42) निवासी ग्राम घुडावन, थाना इंगोरिया, जिला उज्जैन और सचिन पिता हीरालाल पाटीदार (36) निवासी ग्राम करोली, मनावर, जिला धार का फरियादी से पहले से पैसों का विवाद था। इसी विवाद के चलते उन्होंने गैंग के नाम पर साजिश रची।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं: अमित कुमार, मलखान उर्फ विजेन्द्र, शाहरुख, कृष्णपाल उर्फ केन्या, अंश उर्फ अंशु, शिवा, ऋतिक उर्फ जंजीरा, रोहित, राजा, केस खान और राजपाल सिंह।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 पिस्टल, 10 कारतूस, 3 कार, 1 मोटरसाइकिल और 10 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 44 लाख रुपए बताई गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पहले इलाके की रेकी की, कई बार फायरिंग की कोशिश की और 16 मार्च को सफलतापूर्वक गोली चलाकर उसका वीडियो बनाया, जिसे बाद में फिरौती मांगने के लिए इस्तेमाल किया गया। गिरोह के कई आरोपी पहले भी हत्या, लूट, अपहरण, आर्म्स एक्ट और रंगदारी के गंभीर मामलों में नामजद रहे हैं।
मुख्य आरोपी राजपाल सिंह पर पहले एनआईए भी पूछताछ कर चुकी है। दबाव में वह उज्जैन में आत्मसमर्पण कर चुका है। पुलिस अब बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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