1984 सिख दंगा पीड़ितों के वकील एचएस फुल्का BJP में शामिल

चंडीगढ़: 1984 सिख नरसंहार के पीड़ितों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने वाले सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता एचएस फुल्का ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की।
नई दिल्ली में भाजपा कार्यालय में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने उन्हें सदस्यता पर्ची और पटका पहनाकर पार्टी में शामिल कराया। इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ, पंजाब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा मौजूद रहे।
फुल्का का राजनीतिक सफर
एचएस फुल्का का यह राजनीतिक अनुभव उनका दूसरा दौर है। 2017 में उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर दाखा विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी और विपक्ष के नेता बने थे। हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया।
भाजपा में शामिल होने के बाद तरुण चुघ ने कहा कि फुल्का ने 1984 के सिख नरसंहार के दोषियों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने 70 से अधिक मामलों में 250 से ज्यादा अपराधियों को सजा दिलाने में योगदान दिया।
हरदीप पुरी ने कहा कि फुल्का ने निःस्वार्थ भाव से पीड़ितों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ी और उनका भाजपा में शामिल होना इस दृष्टिकोण का प्रतीक है।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि फुल्का जैसे उच्च चरित्र वाले नेता भाजपा से जुड़ रहे हैं, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा सिख समुदाय के उत्थान के प्रयासों का परिणाम है।
फुल्का ने यादें साझा कीं
इस मौके पर फुल्का ने पुरानी घटनाओं को याद करते हुए कहा, "2 नवंबर 1984 का दिन मेरे जीवन का सबसे भयावह दिन था। उस दिन मेरे घर पर हमला हुआ, मेरी पत्नी गर्भवती थीं और मुझे बचाने के लिए हम इधर-उधर भाग रहे थे।"
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को इस अवसर के लिए धन्यवाद भी दिया।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.