महायुति में जाने की अटकलों पर सुप्रिया सुले का तंज, बोलीं- चर्चाओं में कोई सच्चाई नहीं

HIGHLIGHTS
- सुप्रिया सुले ने एनसीपी (शरद पवार) के महायुति के साथ जाने की अटकलों को खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया।
- जयंत पाटिल से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि समिति की बैठकों के कारण नेताओं से मिलना सामान्य प्रक्रिया है।
- सुले ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद, किसानों की समस्याओं और महाराष्ट्र की बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने मंगलवार को अपनी पार्टी के महायुति गठबंधन के साथ जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन अटकलों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी बातों में कोई ठोस आधार नहीं है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुले से एनसीपी (शरद पवार) और सत्तारूढ़ महायुति के बीच संभावित नजदीकी को लेकर सवाल पूछा गया। उनसे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और एनसीपी नेता जयंत पाटिल के बीच कथित बातचीत को लेकर भी सवाल किए गए।
जयंत पाटिल से मुलाकात पर दी सफाई
सुप्रिया सुले ने जयंत पाटिल और विनोद तावड़े की मुलाकात को राजनीतिक रंग देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि जयंत पाटिल के साथ उनकी नियमित मुलाकात होती रहती है, क्योंकि दोनों एक ही समिति के सदस्य हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में ही उनकी जयंत पाटिल से करीब 21 बार मुलाकात हुई है। सुले ने बताया कि उस समिति में भाजपा समेत कई दलों के नेता शामिल हैं, इसलिए बैठकों में मिलना सामान्य प्रक्रिया है और इसे किसी राजनीतिक गठजोड़ से जोड़ना उचित नहीं है।
सत्ता में वापसी के सवाल पर बोलीं सुले
जब उनसे पूछा गया कि क्या एनसीपी (शरद पवार) जल्द सत्ता में लौट सकती है, तो सुले ने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनता की सेवा करना है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से इस तरह की राजनीतिक अटकलें लगती रही हैं। अगर सरकार इसी तरह काम करती रही तो उनकी पार्टी और सहयोगी मजबूती से संघर्ष करेंगे और जनता का समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगे।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भाजपा पर निशाना
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद पर भी सुप्रिया सुले ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सामने आए वीडियो और चर्चाओं को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सुले ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण में देशभर के लोगों की भावनाएं और योगदान जुड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर ऐसे पवित्र स्थान से जुड़े मामलों में भी सवाल उठते हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
किसानों और बुनियादी ढांचे के मुद्दे पर सरकार को घेरा
सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र सरकार पर किसानों और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने फसल कर्जमाफी को लेकर सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया।
उन्होंने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ क्षेत्र में भूस्खलन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मानसून के दौरान सामने आने वाली ऐसी घटनाएं राज्य में बुनियादी ढांचे की स्थिति पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने किसानों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।
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