उत्तराखंड: मूसलाधार बारिश से पहाड़ों में संकट, कई सड़कें बंद; हजारों लोगों की बढ़ी परेशानी

HIGHLIGHTS
- उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मार्ग समेत कई सड़कों पर भूस्खलन से यातायात प्रभावित हुआ।
- पिंडरघाटी में मलबा आने से कई मार्ग बंद हुए, 50 से अधिक वाहन फंसे और हजारों लोग प्रभावित हुए।
- प्रशासन और संबंधित विभाग जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर बंद सड़कों को खोलने में जुटे हैं।
उत्तराखंड: लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग पर जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर त्रियुगीनारायण मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और विवाह समारोहों में पहुंचने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
रविवार देर रात हुई भारी बारिश के बाद बड़ा सांगू क्षेत्र में बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए, जिससे मार्ग बाधित हो गया। सड़क बंद होने के कारण लोगों को काफी दूरी तक पैदल सफर करना पड़ा। गुजरात और महाराष्ट्र से आए कुछ श्रद्धालुओं को भी परेशानी हुई, क्योंकि उनका त्रियुगीनारायण मंदिर में विवाह कार्यक्रम तय था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान इस मार्ग पर लगातार पत्थर गिरने और मलबा आने की समस्या बनी रहती है। सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र ने आरोप लगाया कि जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश और गधेरों का पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ रहा है।
मलबा हटाने का काम जारी
पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता पवन कुमार ने बताया कि मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए मशीनें तैनात की गई हैं। उन्होंने कहा कि सड़क से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है और यातायात बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पिंडरघाटी में कई सड़कें बंद, हजारों लोग प्रभावित
उधर, रविवार रात हुई तेज बारिश से पिंडरघाटी के नारायणबगड़, थराली और देवाल क्षेत्रों में भी कई सड़कें मलबा आने से बंद हो गईं। देवाल ब्लॉक में देवाल-खेता मानमती समेत कई मार्गों पर यातायात ठप हो गया, जिससे 50 से अधिक वाहन रास्ते में फंस गए।
थराली-डुंग्री मोटर मार्ग करीब 12 घंटे बाद यातायात के लिए खोला जा सका। मार्ग बंद रहने से सोल घाटी के 16 गांवों के करीब 10 हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, नंदकेशरी-जौला मार्ग पर स्थानीय लोगों ने खुद मलबा हटाकर आवाजाही शुरू करने की कोशिश की।
नारायणबगड़ क्षेत्र में नलगांव-कफारतीर-भटियाणा मोटर मार्ग पिछले कई दिनों से बंद है, जिसके कारण ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। पीएमजीएसवाई अधिकारियों के मुताबिक, बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।
देवाल बाजार के पास भी भूस्खलन से खतरा बना हुआ है, जहां आसपास के भवनों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और संबंधित विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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