कैरेबियाई देशों में ‘मेलिसा’ का तांडव: अब तक चार की मौत, कई इलाकों में खाली कराए जा रहे घर

HIGHLIGHTS
- पश्चिमी देशों में चक्रवाती तूफान मेलिसा का असर तेजी से बढ़ रहा है।
- कैरेबियाई क्षेत्र के कई देशों में इस शक्तिशाली चक्रवात ने तबाही मचानी शुरू कर दी है।
- लगातार बढ़ती हवाओं और तेज बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा गहराता जा रहा है।
- कैरेबियन आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, हैती, डोमिनिकन रिपब्लिक, क्यूबा और बहामास में राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं और नीचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
- न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम पांच देशों में हजारों लोग प…
पश्चिमी देशों में चक्रवाती तूफान मेलिसा का असर तेजी से बढ़ रहा है। कैरेबियाई क्षेत्र के कई देशों में इस शक्तिशाली चक्रवात ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। लगातार बढ़ती हवाओं और तेज बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा गहराता जा रहा है।
कैरेबियन आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, हैती, डोमिनिकन रिपब्लिक, क्यूबा और बहामास में राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं और नीचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम पांच देशों में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि कई जगहों पर घर खाली कराए जा रहे हैं।
जमैका में सबसे बड़ा खतरा
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मेलिसा जमैका के इतिहास का सबसे ताकतवर चक्रवात साबित हो सकता है। दक्षिण-पश्चिम हैती और जमैका के कुछ हिस्सों में तूफान ने अब तक चार लोगों की जान ले ली है। वहीं कई क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था ठप है और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
जमैका के मौसम विभाग के निदेशक इवान थॉम्पसन ने बताया कि सोमवार तक तूफान के जमैका में प्रवेश की संभावना है, जबकि मंगलवार को इसका असर पूरे देश में फैल सकता है। उन्होंने कहा, “तूफान की दिशा में हल्का बदलाव हुआ है, जिससे यह पश्चिम की ओर थोड़ा खिसक गया है। पहले इसके क्लेरेंडन तट पर टकराने की आशंका थी, लेकिन अब यह मैनचेस्टर की ओर बढ़ता दिख रहा है।”
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस तूफान के चलते कुछ क्षेत्रों में 35 इंच तक बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है।
क्यूबा में सख्त तैयारी, हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर
क्यूबा में प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए तटीय इलाकों को खाली कराने का आदेश दिया है। अधिकारी बंद नालियों की सफाई, पेड़ों की छंटाई और उड़ते मलबे को रोकने की कोशिशों में जुटे हैं। सड़कों से ट्रैफिक लाइट हटाई जा रही हैं ताकि तेज हवाओं से नुकसान कम हो।
रिपोर्टों के अनुसार, अब तक लगभग 4,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। देश के छह प्रांतों में रेड अलर्ट जारी है और राहत दलों को चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
बढ़ते खतरे से चिंतित देश
तेज हवाओं, भारी बारिश और उफनते समुद्र के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे इस क्षेत्र के लिए बेहद संवेदनशील रहेंगे। अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियां भी प्रभावित देशों में सहायता पहुंचाने की तैयारी कर रही हैं।
कैरेबियाई द्वीपों पर मंडरा रहा मेलिसा का खतरा आने वाले दिनों में और गहराने की आशंका है।
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