ईरान ने 10 तेल टैंकर हमें उपहार के रूप में भेजे, उन पर पाकिस्तानी झंडा लगा: ट्रंप

वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अहम दावा किया है। ट्रंप ने बताया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से 10 तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी है, जिन पर पाकिस्तान के झंडे लगे थे। ट्रंप के मुताबिक, यह कदम इस बात का संकेत है कि तेहरान अब बातचीत के लिए गंभीर हो सकता है।
तेल टैंकर ‘तोहफे’ की तरह
ट्रंप ने बताया कि पहले आठ बड़े टैंकर और बाद में दो अन्य जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की इजाजत दी गई। उन्होंने इसे एक गिफ्ट बताते हुए कहा कि यह बातचीत की दिशा में सकारात्मक संकेत है। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित होती है। इसलिए ईरान का यह कदम सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि कूटनीतिक संदेश भी माना जा रहा है।
अमेरिका की सैन्य बढ़त
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने इस सैन्य अभियान को निर्धारित समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब यह तय समय से आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ है और उसकी नौसेना लगभग खत्म हो गई है। अमेरिका को कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर बढ़त हासिल है और वह लगातार ईरान के परमाणु हथियार, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को निशाना बना रहा है।
ईरान पर बातचीत का दबाव
ट्रंप का कहना है कि ईरान अब अंदर ही अंदर अपनी हार मान चुका है और समझौते के लिए मजबूर है, भले ही वह सार्वजनिक रूप से इनकार कर रहा हो। उन्होंने कहा कि सही समझौता होने पर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुल सकता है और वैश्विक सप्लाई सामान्य हो सकती है। अमेरिकी मध्य पूर्व विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने भी कहा कि समझौते की संभावना बनी हुई है और शक्ति के साथ शांति की नीति सबसे असरदार है।
ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी दी कि जल्दी समझौता करें, नहीं तो उन पर बमबारी जारी रहेगी। यह बयान तब आया जब एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने वाशिंगटन के प्रस्ताव को “एकतरफा और अनुचित” बताते हुए खारिज कर दिया।
सोशल मीडिया पर ट्रंप की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरानी अजीब हैं, बंद कमरे में समझौते की मांग करते हैं लेकिन सार्वजनिक रूप से कहते हैं कि विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उन्हें जल्द गंभीर होना चाहिए, अन्यथा बाद में वापसी का कोई रास्ता नहीं बचेगा।
अमेरिका की शर्तें और ईरान का रुख
ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों को महान वार्ताकार बताया और कहा कि अमेरिका ऐसे समझौते की तलाश में है जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य खुल सके और तेहरान की सैन्य महत्वाकांक्षाओं पर रोक लगे। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि संभव है अंततः कोई समझौता न हो।
ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा के बाद इसे खारिज कर दिया और कहा कि इसमें आगे बढ़ने के लिए बुनियादी शर्तें नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने कूटनीति जारी रखने की बात भी कही।
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