जेपी नड्डा का RJD पर हमला, बोले - R से रंगदारी, J से जंगल राज, D से दादागिरी

वैशाली (हाजीपुर)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार को हाजीपुर में बुद्धिजीवियों से मुलाकात करने पहुंचे और इस दौरान आरजेडी और लालू प्रसाद यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आरजेडी का फुल फॉर्म ही उसके कार्यशैली को दर्शाता है- “R” से रंगदारी, “J” से जंगल राज और “D” से दादागिरी। नड्डा ने बताया कि पार्टी का यही मकसद है, रंगदारी करना, कानून-व्यवस्था को ध्वस्त करना और दादागिरी करना, और इसी में खुद को श्रेष्ठ दिखाना।
जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद के शासनकाल में चोरी हुई गाड़ियां मुख्यमंत्री आवास में ही बरामद होती थीं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बेरोजगारी और पलायन की बातें कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने पिता के कार्यकाल की असफलताओं को याद करना चाहिए और बिहारवासियों से माफी मांगनी चाहिए। नड्डा ने जोर देकर कहा कि जब तक अतीत की परेशानियों को नहीं समझेंगे, तब तक वर्तमान की खुशियों का आनंद नहीं लिया जा सकता।
भाजपा अध्यक्ष ने बिहार की पहले की राजनीतिक परिस्थितियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि वहां राजनीति परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण के आधार पर होती थी। वोट बैंक की राजनीति चलती थी, जिसे जोड़ना और तोड़ना होता था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजनीति का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है और अब रिपोर्ट कार्ड आधारित प्रणाली लागू हो चुकी है।
नड्डा ने देश की सुरक्षा और सैन्य ताकत के विकास की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि 11 साल पहले देश के पास बुलेटप्रूफ जैकेट जैसी बुनियादी सुरक्षा सुविधा भी नहीं थी, लेकिन अब भारत 1 लाख 51 हजार करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात की क्षमता रखने वाला देश बन चुका है। 26/11 मुंबई हमले का जिक्र करते हुए नड्डा ने बताया कि उस समय देश का गृह मंत्री पाकिस्तान के खिलाफ कोई कार्रवाई करने में असमर्थ था, लेकिन अब भारत सर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाई करके अपनी ताकत साबित कर चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत अब अपने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुनिया के सामने अपनी शक्ति दिखाने में सक्षम हो गया है। जेपी नड्डा ने यह भी कहा कि भारत ने आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में अब तक का सर्वश्रेष्ठ मुकाम हासिल किया है और दुनिया के सभी देशों ने इसकी सराहना की है।
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