बहराइच में गरजे ओवैसी, बोले- मटेरा सीट किसी एक परिवार की जागीर नहीं

HIGHLIGHTS
- उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को बहराइच जिले की मटेरा विधानसभा सीट से अपने राजनीतिक अभियान की शुरुआत कर दी।
- शंकरपुर चौराहे पर आयोजित बड़ी जनसभा में उन्होंने स्थानीय राजनीति से लेकर राज्य सरकार की नीतियों तक कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।
- हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि मटेरा किसी एक परिवार की राजनीतिक संपत्ति नहीं है।
- उन्होंने दावा किया कि लंबे समय से एक ही परिवार क्षेत्र की राजनीति पर हावी है, जिसके चलते आम…
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को बहराइच जिले की मटेरा विधानसभा सीट से अपने राजनीतिक अभियान की शुरुआत कर दी। शंकरपुर चौराहे पर आयोजित बड़ी जनसभा में उन्होंने स्थानीय राजनीति से लेकर राज्य सरकार की नीतियों तक कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।
हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि मटेरा किसी एक परिवार की राजनीतिक संपत्ति नहीं है। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय से एक ही परिवार क्षेत्र की राजनीति पर हावी है, जिसके चलते आम लोगों और वंचित तबकों की आवाज़ विधानसभा तक ठीक से नहीं पहुंच पा रही है।
ओवैसी ने लोगों से अपील की कि 2027 में एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली को विधायक बनाकर विधानसभा भेजें, ताकि क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से उठाया जा सके और जनता की आवाज़ प्रभावी तरीके से सरकार तक पहुंचाई जा सके।
एनकाउंटर नीति पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में चल रही एनकाउंटर नीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में एनकाउंटर हुए हैं, जिनमें कई बार निर्दोष लोगों के प्रभावित होने की बात भी सामने आई है।
उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और किसी भी धर्म, जाति या वर्ग के साथ भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में कानून का शासन सर्वोपरि होना चाहिए और हर नागरिक को न्याय मिलना चाहिए।
प्रतिनिधित्व और अधिकारों की बात
ओवैसी ने आरोप लगाया कि समाज के कमजोर और अल्पसंख्यक वर्गों की समस्याओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है, तभी संतुलित विकास संभव है।
सभा के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे और लगातार नारेबाजी करते हुए माहौल जोशपूर्ण बना रहा।
छह घंटे की देरी से पहुंचे ओवैसी
जनसभा का समय दोपहर 1 बजे तय था, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी कार्यक्रम स्थल पर शाम करीब 7 बजे पहुंचे। इससे पहले उनके दोपहर में पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग दोपहर से ही मैदान में डटे रहे।
ओवैसी के पहुंचते ही समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में पार्टी के कई स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
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