PM मोदी ने बुलाई सभी मंत्रालयों के सचिवों की बैठक, विकसित भारत 2047 समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं—‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’—को और प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव अपने-अपने विभागों में चल रहे कार्यों, सुधारों की प्रगति और नागरिक-केंद्रित पहलों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। बैठक का उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाना बताया जा रहा है।
2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी पहले ही वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित कर चुके हैं। इसी दिशा में सरकार ‘नेक्स्ट-जेन रिफॉर्म्स’ की समीक्षा और उन्हें तेज करने की रणनीति पर काम कर रही है। बैठक में इस बात पर जोर रहेगा कि शासन व्यवस्था को अधिक तेज और जवाबदेह बनाया जाए, ताकि आम लोगों से जुड़े कार्यों में किसी तरह की देरी या लंबित मामलों की समस्या न रहे।
आर्थिक प्रदर्शन और विकास की दिशा पर नजर
बैठक में देश की आर्थिक स्थिति और विकास दर को लेकर भी चर्चा होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2025-26 की मजबूत जीडीपी वृद्धि और हालिया तिमाही में दर्ज बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए अर्थव्यवस्था के भविष्य के रोडमैप पर विचार किया जाएगा।
घरेलू मांग और सरकारी खर्च के समर्थन से भारतीय अर्थव्यवस्था ने हाल के समय में बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले वर्ष की तुलना में विकास दर में भी सुधार दर्ज किया गया है, जिसे नीतिगत सुधारों और निवेश में बढ़ोतरी का परिणाम माना जा रहा है।
बैठक के प्रमुख एजेंडे
- 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को गति देना
- प्रशासनिक सुधारों और सिस्टम रिफॉर्म्स को आगे बढ़ाना
- आर्थिक विकास और जीडीपी प्रदर्शन की समीक्षा
- सरकारी प्रक्रियाओं में ‘जीरो पेंडेंसी’ सुनिश्चित करना
- युवाओं के लिए रोजगार और अवसरों का विस्तार
शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी
इस बैठक में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी. के. मिश्रा और शक्तिकांत दास, साथ ही कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन भी शामिल रहेंगे। बैठक में प्रशासनिक ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाने और नीति क्रियान्वयन को तेज करने पर चर्चा होगी।
सरकार का मानना है कि इस तरह की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकों से नीतियों के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में ठोस प्रगति होगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.