पंजाब मंत्रिमंडल बैठक: नई औद्योगिक नीति, शिक्षा और जेल सुधार पर लगी मुहर

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल ने राज्य के उच्च शिक्षा, औद्योगिक विकास और प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देने के लिए कई अहम फैसले किए। कैबिनेट ने श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी। इसके साथ ही सरकारी कॉलेजों में 1,158 सहायक प्रोफेसर और लाइब्रेरियन की नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, विश्वविद्यालय के लिए ड्राफ्ट बिल को भी मंजूरी दी गई है और स्थापना के सभी निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
मुख्य फैसलों का सार
1. औद्योगिक और व्यापार नीति-2026:
मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब उद्योग क्रांति’ के तहत नई औद्योगिक नीति को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य राज्य में वित्तीय रियायत, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और नए उद्योगों को प्रोत्साहित करना है।
2. खिलाड़ियों के लिए आरक्षण नीति:
सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में खिलाड़ियों के लिए आरक्षण को व्यवस्थित करने के लिए नए मानदंड तय किए गए। इसमें 75% महत्व खेल उपलब्धियों और 25% प्रवेश परीक्षा के प्रदर्शन को दिया जाएगा।
3. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार:
‘पंजाब स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा नियम-2016’ में संशोधन कर फार्मासिस्ट पद के लिए डिप्लोमा इन फार्मेसी को मान्यता दी गई।
4. शहीद वालंटियर अशोक कुमार के परिवार को सहायता:
गुरदासपुर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए वालंटियर अशोक कुमार के परिवार को 1 करोड़ रुपये की एक्स-ग्रेशिया सहायता देने का निर्णय लिया गया।
5. विधायी बिल और नीतियों में सुधार:
मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल, 2026’ को विधानसभा में पेश करने की सहमति दी। इसके अलावा, मेडिसिटी नीति-2014, गमाडा द्वारा स्कूल प्लॉट आवंटन, ग्लाडा संपत्ति मूल्यांकन और पंजाब सिविल सेवाएं नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।
6. भर्ती प्रक्रिया और पारदर्शिता:
सरकारी कॉलेजों में 1,158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की भर्ती पीपीएससी के माध्यम से होगी। उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर देने के लिए आयु सीमा में छूट और आरक्षित वर्ग के लिए अतिरिक्त लाभ शामिल किया गया है।
7. एमआईसीई प्रोजेक्ट और बहु-उद्देशीय ढांचे:
व्यावसायिक, शैक्षिक और सरकारी आयोजनों के लिए बहु-उद्देशीय ढांचे और विश्व स्तरीय मीटिंग्स, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शनी (MICE) परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
8. जेल और सुधार सेवाओं में आधुनिकरण:
‘पंजाब जेल और सुधार सेवाएं बिल-2026’ लागू करने का निर्णय लिया गया, जिससे राज्य में जेल प्रशासन को आधुनिक और सुरक्षित बनाया जाएगा।
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