राम मंदिर दान गबन मामला: ट्रस्ट ने CM योगी से की SIT जांच की मांग

HIGHLIGHTS
- अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
- अब ट्रस्ट ने जांच प्रक्रिया को तेज करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से एसआईटी (SIT) गठित कर विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
- सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर भी उठे सवाल इस मामले में सबसे गंभीर पहलू यह सामने आ रहा है कि कथित रूप से दान की राशि लंबे समय तक मंदिर परिसर से बाहर जाती रही, लेकिन सुरक्षा तंत्र को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी।
- अब जांच कमेटी यह भी खंगाल…
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब ट्रस्ट ने जांच प्रक्रिया को तेज करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से एसआईटी (SIT) गठित कर विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर भी उठे सवाल
इस मामले में सबसे गंभीर पहलू यह सामने आ रहा है कि कथित रूप से दान की राशि लंबे समय तक मंदिर परिसर से बाहर जाती रही, लेकिन सुरक्षा तंत्र को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। अब जांच कमेटी यह भी खंगालेगी कि सुरक्षा जांच, सीसीटीवी निगरानी और प्रवेश-निकास व्यवस्था में कहां चूक हुई।
इसके साथ ही सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और पूरे निगरानी सिस्टम की प्रभावशीलता भी जांच के दायरे में होगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
10–12 लाख रुपये की बरामदगी के बाद तेज हुई जांच
इससे पहले रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव में छापेमारी के दौरान लगभग 10 से 12 लाख रुपये बरामद किए गए थे। यह कार्रवाई राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में की गई थी। बरामद राशि आरोपी लवकुश मिश्रा के घर से मिली, जो मंदिर में कर्मी के रूप में कार्यरत था।
आरोपी के परिवार का पक्ष
लवकुश के पिता बच्चूलाल ने कहा कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग उनके घर पहुंचे थे और ताला तोड़कर नकदी अपने साथ ले गए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस पैसे की कोई जानकारी नहीं थी, क्योंकि वे गाजियाबाद में रहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि फैजाबाद में बन रहे मकान का उनके बेटे से कोई संबंध नहीं है और यह निर्माण उन्होंने अपनी जमीन गिरवी रखकर कराया है। परिवार का कहना है कि लवकुश पिछले कुछ महीनों से ही मंदिर में काम कर रहा था और उसे वहां एक परिचित के माध्यम से नौकरी मिली थी।
गांव में अलग-अलग चर्चाएं
ग्रामीणों के अनुसार, लवकुश पहले कार मैकेनिक का काम करता था, लेकिन मंदिर में नौकरी के बाद उसकी आर्थिक स्थिति में बदलाव देखा गया। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि बरामद कुछ रकम को कथित तौर पर जमीन में छिपाया गया था।
आगे की जांच जारी
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। प्रशासन और ट्रस्ट दोनों ही इस प्रकरण की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच को आगे बढ़ा रहे हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.


















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.