भाजपा-जदयू में तनातनी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सांसदों-विधायकों के साथ बैठक आज

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा उम्मीदवार बनने के बाद बिहार में राजनीतिक उठापटक बढ़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के बीच पिछले 36 घंटों से विरोध प्रदर्शन और तनाव देखने को मिला। जदयू के नेताओं का आरोप है कि भाजपा ने जनादेश का अपमान किया है। विरोध का असर इतना बढ़ा कि कुछ जगहों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर कालिख भी पोत दी गई।
इन सबके बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी के विधायकों, विधान परिषद् सदस्यों और सांसदों की बैठक बुलाई। सभी को शाम पांच बजे मुख्यमंत्री निवास में पहुंचने का निर्देश दिया गया है। बैठक में वरिष्ठ जदयू नेता भी शामिल होंगे।
नई सरकार का खाका तैयार
सूत्रों के अनुसार, रामनवमी तक नए गठबंधन और सरकार की रूपरेखा स्पष्ट हो जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सीएम नीतीश कुमार और गृह मंत्री अमित शाह के बीच हालिया बैठक में अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, जबकि कुछ बिंदुओं पर बातचीत अभी भी जारी है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और अमित शाह एक ही विमान से दिल्ली गए थे, जहां कुछ निर्णय अंतिम रूप में आए।
भाजपा-जदयू मंत्रियों की संख्या समान होने की संभावना
सूत्र बताते हैं कि दोनों दलों के मंत्रियों की संख्या बराबर होगी। कुल 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते मुख्यमंत्री पद भाजपा के पास होगा। जदयू के वरिष्ठ नेता दो डिप्टी सीएम और गृह विभाग अपने पास रखना चाहते हैं। डिप्टी सीएम के लिए निशांत कुमार और विजय चौधरी के नाम सबसे पहले चर्चा में हैं।
चिराग, उपेंद्र और मांझी की पार्टी के मंत्री
2025 के विधानसभा चुनाव के बाद बनी सरकार में कुल 26 मंत्री थे। अब खाका तैयार होने के बाद मंत्रियों की संख्या बढ़कर 33 तक जा सकती है। इसमें जदयू और भाजपा के 14-14 मंत्री रहेंगे। चिराग की पार्टी से तीन मंत्री, जबकि उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी की पार्टी से एक-एक मंत्री बनाए जाने की संभावना है।
विधानसभा अध्यक्ष पद की भूमिका
विधानसभा अध्यक्ष पद जदयू के कुछ नेताओं के पाले में जाने की इच्छा है, लेकिन भाजपा इसे रोकना चाहती है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि वर्तमान अध्यक्ष प्रेम कुमार अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और भाजपा इस पद पर कोई बदलाव नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री पद पर संभावित बदलाव
मुख्यमंत्री पद को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं। भाजपा के नेताओं के अनुसार अचानक कोई नया चेहरा मुख्यमंत्री बन सकता है, जैसा पहले नितिन नवीन के मामले में देखा गया था। हालांकि, अब नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद स्थिति और स्पष्ट हो गई है। चर्चा में संजीव चौरसिया, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और नित्यानंद राय जैसे नाम भी शामिल हैं। इनमें सम्राट चौधरी का नाम सबसे अधिक चर्चा में है, क्योंकि कुशवाहा समाज से आते हैं और यह जदयू के सामने भाजपा को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
बिहार की राजनीतिक सियासत में आने वाले दिनों में इस मामले पर और खुलासे की संभावना है, और गठबंधन की अंतिम रूपरेखा रामनवमी तक सामने आने की उम्मीद है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.