ईरान को ट्रंप की चेतावनी: 'समझौता करो या हमला झेलो'

वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ईरान से अपील की कि वह अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जारी बमबारी रोकने के लिए तत्काल समझौता करे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान को और अधिक हमलों का सामना करना पड़ेगा।
व्हाइट हाउस में कैबिनेट की बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा, "ईरान के पास अब मौका है कि वह अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़कर नए रास्ते की ओर बढ़े।" उन्होंने यह भी कहा, "अगर ईरान ऐसा नहीं करता तो हम उनके लिए सबसे बुरा सपना साबित होंगे। हम उन्हें बस तबाह करते रहेंगे।"
कूटनीतिक बातचीत जारी
ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय आई जब एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि लगभग चार हफ्तों से चल रही लड़ाई को खत्म करने का वॉशिंगटन का प्रस्ताव “एकतरफा और अनुचित” है। इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है।
ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों को “बेहतरीन वार्ताकार” बताया और कहा कि अमेरिका एक ऐसे समझौते की तलाश में है जो होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के साथ-साथ ईरान की सैन्य महत्वाकांक्षाओं पर रोक लगाए। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि संभव है कोई समझौता न हो।
अमेरिका की 15 प्रमुख शर्तें
- 30 दिनों का युद्धविराम।
- नतान्ज, इस्फहान और फोर्डो में ईरान की परमाणु सुविधाओं का नाश।
- भविष्य में परमाणु हथियार विकसित न करना।
- परमाणु हथियार विकसित न करने की ईरान की स्थायी प्रतिबद्धता।
- संवर्धित यूरेनियम का अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को हस्तांतरण।
- IAEA के तहत परमाणु बुनियादी ढांचे की पूर्ण निगरानी।
- देश में यूरेनियम संवर्धन पर रोक।
- क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों के समर्थन में कमी।
- क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोकना।
- होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना।
- अमेरिका के प्रतिबंधों को हटाना और संयुक्त राष्ट्र के ‘स्नैपबैक’ तंत्र को समाप्त करना।
- बुशेहर परमाणु संयंत्र में बिजली उत्पादन के लिए सहयोग।
- घरेलू स्तर पर यूरेनियम संवर्धन रोकना।
- मिसाइलों की संख्या और रेंज को सीमित करना।
- संयुक्त राष्ट्र के स्नैपबैक मैकेनिज्म को समाप्त करने का वादा।
ईरान की 5 शर्तें
- हमले और हत्या की घटनाओं को रोकना।
- सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त।
- भविष्य में दोबारा युद्ध न हो और ठोस तंत्र बने।
- युद्ध के नुकसान की भरपाई और मुआवजा तय होना।
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर अंतरराष्ट्रीय मान्यता।
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