उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: छोटे अपराधों में जेल की जगह जुर्माने का प्रस्ताव मंजूर

उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण नीतिगत प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में कुल 19 एजेंडा रखे गए, जिनमें भूमि मुआवजा, शहरी विकास, तकनीकी शिक्षा और नागरिक उड्डयन से जुड़े बड़े निर्णय शामिल रहे।
बिजली लाइन मुआवजा बढ़ा, नया फार्मूला लागू
सरकार ने बिजली लाइनों के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा बढ़ाते हुए केंद्र सरकार के नए मानकों को अपनाने का निर्णय लिया। अब टावर और उससे एक मीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्र का मुआवजा सर्किल रेट के 200% के आधार पर दिया जाएगा।
सर्किल रेट और बाजार मूल्य के अंतर को संतुलित करने के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी जो प्रभावित भूमिधारकों के मामले देखेगी।
जन विश्वास अधिनियम लागू करने की तैयारी
राज्य सरकार सात पुराने कानूनों की जगह जन विश्वास अधिनियम को अपनाएगी। कुल 52 कानूनों को चिह्नित किया गया है, जिनमें छोटे अपराधों में कारावास की जगह अब अधिकतम जुर्माने का प्रावधान होगा। उदाहरण के तौर पर, जैविक कृषि क्षेत्र में पेस्टीसाइड के गलत उपयोग पर जेल की सजा हटाकर जुर्माना बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया है।
आवास विभाग के महत्वपूर्ण निर्णय
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ग्रीन बिल्डिंग को बढ़ावा
पर्यावरण अनुकूल निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त एफएआर की व्यवस्था—प्लैटिनम को 5%, गोल्ड को 3% और सिल्वर श्रेणी को 2% अतिरिक्त एफएआर मिलेगा। -
कॉमर्शियल निर्माण में राहत
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ग्राउंड कवरेज पर लगी पुरानी पाबंदियाँ हटेंगी।
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इको-रिज़ॉर्ट के साथ अब सामान्य रिज़ॉर्ट भी उसी श्रेणी में बनाए जा सकेंगे।
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लैंड यूज़ बदलने के झंझट खत्म होंगे।
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सड़क की न्यूनतम चौड़ाई पहाड़ में 6 मीटर और मैदानी क्षेत्रों में 9 मीटर तय की गई।
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पार्किंग नियमों में ढील
बहुमंजिला इमारतों में सड़क स्तर पर बनाई गई पार्किंग की ऊँचाई को भवन की कुल ऊँचाई में नहीं जोड़ा जाएगा। ‘मोटल’ श्रेणी को नियमन से हटाया गया। -
लैंड पूलिंग और टाउन प्लानिंग स्कीम को मंजूरी
अब राज्य में भी अन्य राज्यों की तरह लैंड पूलिंग स्कीम लागू होगी। जहां टाउनशिप विकसित की जाएगी, वहां बदले में भूमि मालिकों को वाणिज्यिक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
विभागवार प्रमुख निर्णय
वित्त विभाग
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उत्तराखंड जीएसटी संशोधन अध्यादेश को मंजूरी।
तकनीकी शिक्षा
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तकनीकी विश्वविद्यालय में फैकल्टी की भर्ती अब विश्वविद्यालय स्तर पर होगी, लोक सेवा आयोग के माध्यम से नहीं।
लोक निर्माण विभाग
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समूह ‘ग’ के कर्मचारियों को 10 साल की सेवा के बाद सीधे कनिष्ठ अभियंता (JE) पद पर प्रमोशन मिलेगा।
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देहरादून में रिस्पना–बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को जीएसटी और रॉयल्टी पर विशेष रियायत दी जाएगी।
नागरिक उड्डयन
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नैनीसैणी एयरपोर्ट के संचालन का जिम्मा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सौंपा जाएगा।
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सितारगंज के कल्याणपुर क्षेत्र में पट्टों के नियमितीकरण के लिए 2004 के सर्किल रेट को आधार बनाया जाएगा।
डेयरी विकास एवं सहकारिता
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‘मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण एवं साइलेज योजना’ में सब्सिडी 75% से घटाकर 60% की गई।
अन्य प्रमुख निर्णय
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15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने और नया वाहन खरीदने पर टैक्स छूट की मंजूरी।
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सगंध पौधा केंद्र का नाम बदलकर इंस्टीट्यूट ऑफ परफ्यूम रखा जाएगा।
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यूपीएससी, GATE, NET आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना को स्वीकृति, जिसमें ऑनलाइन कोचिंग और लाइव कक्षाओं की सुविधा उपलब्ध होगी।
अभियोजन निदेशालय की संरचना मंजूर
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अनुरूप देहरादून में राज्य अभियोजन निदेशालय का मुख्यालय बनेगा। जिलों में भी जिला-स्तरीय निदेशालय स्थापित किए जाएंगे।
7 वर्ष से कम कारावास वाले मामलों की अपील जिला स्तर पर, जबकि गंभीर अपराधों की सुनवाई राज्य स्तर पर होगी।
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