इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यसभा चुनाव में मतदान को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जनता की राय सर्वोपरि है और जनता ने उन्हें स्पष्ट संदेश दिया है कि कांग्रेस और बीजेपी से दूरी बनाए रखनी चाहिए। इसी कारण पार्टी के दोनों विधायक इस बार मतदान से अनुपस्थित रहेंगे।

कांग्रेस और बीजेपी पर निशाना

अभय चौटाला ने कहा कि कांग्रेस से दूरी पहले से ही बनी हुई है। वहीं बीजेपी ने पिछले 11 वर्षों में जातिवाद और सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा और विधायक रामकुमार गौतम ने इनेलो के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। साथ ही, कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने भी पार्टी के नेताओं के बारे में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। चौटाला ने स्पष्ट किया कि किसी भी हालत में इनेलो बीजेपी को वोट नहीं देगा।

इस मौके पर इनेलो के दोनों विधायक अदित्य देवीलाल और अर्जुन चौटाला भी उनके साथ मौजूद रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर प्रतिक्रिया

चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दावा किया था कि उनके पास 37 विधायकों का समर्थन है, लेकिन अब ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा। चौटाला ने कहा कि कांग्रेस के भीतर भी विरोधी हैं और मतदान के समय हुड्डा परेशान नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त की घटनाओं में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही शामिल हैं और यह लोकतंत्र के खिलाफ है।

चौटाला ने कहा, “आज विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग हो रही है। जो पार्टी बिकती है, उस पर सवाल उठता है। इस प्रक्रिया में खरीदने और बेचने दोनों पक्ष दोषी हैं। इसका कारण टिकट वितरण में सही प्रत्याशी का चयन न होना है।”

क्रॉस वोटिंग पर कानून की मांग

अभय चौटाला ने क्रॉस वोटिंग को रोकने के लिए कानून बनाने की मांग की। उनका कहना था कि ऐसे नेताओं पर 6 साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगना चाहिए।

निर्दलीय उम्मीदवार और वोटिंग फैसले पर टिप्पणी

निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के वोट मांगने के सवाल पर चौटाला ने कहा कि नांदल ने कॉल किया था, लेकिन उनके वोट डालने या न डालने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सभी विधानसभाओं में इनेलो के पर्यवेक्षक ने फीडबैक दिया और उसके आधार पर मतदान से गैरहाजिर रहने का निर्णय लिया गया।

अभय चौटाला ने कहा कि हरियाणा में तीन प्रमुख पार्टियां प्रदेश को कमजोर कर रही हैं। उनका अंदाज था कि “बीजेपी सांपनाथ है, कांग्रेस नागनाथ और तीसरी पार्टी बिच्छू नाथ है। जनता ने इनमें से एक पार्टी को साइडलाइन कर दिया है। 2029 के विधानसभा चुनाव में जनता बीजेपी और कांग्रेस को आइना दिखाएगी।”