नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किए गए बजट 2026-27 में महिलाओं के सशक्तिकरण को खास प्राथमिकता दी है। सरकार ने इस बार महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और छात्राओं को ध्यान में रखते हुए कई नई पहल और योजनाएं घोषित की हैं।
लखपति दीदी योजना को मिलेगा आगे बढ़ाव
महिलाओं की आर्थिक मजबूती के लिए चलाई जा रही लखपति दीदी योजना को सरकार ने जारी रखने का फैसला किया है। इस योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज कर्ज उपलब्ध कराया जाता है।
सरकार की ओर से इस पर सब्सिडी भी दी जाती है, जिससे महिलाएं अपना कारोबार शुरू कर सकें और नियमित आय अर्जित कर सकें।
‘शी मार्ट्स’ से मिलेगा बड़े बाजार का रास्ता
लखपति दीदी योजना की सफलता के बाद सरकार ने एक नई पहल ‘शी मार्ट्स’ शुरू करने की घोषणा की है। ये ऐसे रिटेल आउटलेट होंगे जिन्हें महिला स्वयं सहायता समूह और महिला उद्यमी संचालित करेंगी।
इन मार्ट्स के जरिए महिलाएं अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगी, अपना ब्रांड विकसित कर सकेंगी और बेहतर मुनाफा कमा पाएंगी। इससे स्थानीय स्तर पर काम करने वाले महिला समूहों को भी नई पहचान और बाजार मिलेगा।
छात्राओं के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल
शिक्षा के क्षेत्र में भी लड़कियों को राहत देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि देश के हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे।
करीब 700 से अधिक जिलों में छात्राओं के रहने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक हॉस्टल तैयार किए जाएंगे, जिससे उच्च शिक्षा हासिल करने वाली लड़कियों को बेहतर माहौल मिल सके।