बारामती/मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों धड़ों के संभावित विलय को लेकर असमंजस बना हुआ है। इसी बीच एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार रविवार सुबह बारामती से मुंबई के लिए रवाना हो गए, जबकि महाराष्ट्र की नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार शनिवार देर रात मुंबई से बारामती लौट आईं।
यह राजनीतिक हलचल ऐसे समय पर हो रही है, जब शरद पवार के भतीजे और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
शपथ के बाद घर लौटीं सुनेत्रा पवार
सुनेत्रा पवार ने शनिवार को मुंबई में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और इसके तुरंत बाद वे अपने बारामती स्थित आवास पहुंच गईं। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि उनकी और शरद पवार के बीच इस दौरान कोई मुलाकात या बातचीत हुई या नहीं।
वहीं, शरद पवार की बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गई हैं।
‘12 फरवरी को होना था बड़ा ऐलान’
शरद पवार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके दिवंगत भतीजे अजित पवार ने 12 फरवरी को एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की औपचारिक घोषणा करने की योजना बनाई थी।
हालांकि उनके निधन के बाद अब यह प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और इसमें देरी के संकेत मिल रहे हैं।
सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने को लेकर शरद पवार ने कहा कि इस फैसले पर उनसे कोई चर्चा नहीं हुई। उनके मुताबिक यह पार्टी का आंतरिक निर्णय रहा होगा, जिसमें प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नेताओं की भूमिका रही होगी।
पार्थ पवार ने की शरद पवार से मुलाकात
शनिवार को अजित पवार के बेटे पार्थ पवार शरद पवार के बारामती स्थित गोविंदबाग निवास पहुंचे। इस मुलाकात में सुप्रिया सुले, एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार और युगेंद्र पवार भी मौजूद थे।
28 जनवरी को अजित पवार के निधन के बाद दोनों गुटों के बीच चल रही विलय वार्ता, जो पहले अंतिम दौर में बताई जा रही थी, अब फिलहाल ठहरती हुई नजर आ रही है। इस मुद्दे पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता चुप हैं, जबकि कुछ नेता संगठन की एकता बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।