ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के साथ डिलीवरी राइडर्स की संख्या भी तेजी से बढ़ी है, लेकिन इन्हीं राइडर्स की सेहत पर गंभीर खतरे मंडरा रहे हैं। भारी बैग, खराब सड़कें, लंबे समय तक बाइक चलाना, गलत बैठने की आदत और लगातार झटके—ये सभी मिलकर उनकी मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग ने डिलीवरी राइडर्स पर पड़ने वाले शारीरिक दबाव और कंपन के प्रभाव को लेकर एक वैज्ञानिक अध्ययन किया है। इस शोध में दो प्रमुख प्रयोग, एक पायलट स्टडी और दो सिमुलेशन मॉडल शामिल किए गए।

यह शोध प्रोफेसर आबिद अली खान के मार्गदर्शन में शोधार्थी मोहम्मद परवेज द्वारा किया गया। प्रारंभिक अध्ययन में सामने आया कि बाइक चलाते समय सबसे ज्यादा परेशानी हाथ, कलाई और हथेली में महसूस होती है। परीक्षण के दौरान पाया गया कि पूरे शरीर पर पड़ने वाला कंपन अंतरराष्ट्रीय मानक आईएसओ 2631-1 की सुरक्षित सीमा से कहीं अधिक है।

आगे झुककर चलाने से खतरा और बढ़ता है

शोध के तहत 15 डिलीवरी राइडर्स पर बैकपैक के भार और बैठने की मुद्रा का असर देखा गया। परिणामों से पता चला कि जब राइडर झुककर बाइक चलाते हैं, तो उनकी मांसपेशियों पर सीधा बैठने की तुलना में कहीं अधिक दबाव पड़ता है। सभी दिशाओं में कंपन का स्तर तय सीमा से चार से पांच गुना अधिक पाया गया।

इस वजह से पीठ, गर्दन, कंधे और हाथों में दर्द, थकान और वर्क-रिलेटेड मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर का खतरा बढ़ जाता है। जब बैग में भोजन या पार्सल भरा होता है, तो छाती, कंधे और नितंब में असहजता और ज्यादा महसूस होती है। स्पीड ब्रेकर पर लगने वाले झटके इस परेशानी को और बढ़ा देते हैं।

सिमुलेशन मॉडल से मिले समाधान

शोध में लैबव्यू आधारित सिमुलेशन मॉडल तैयार किए गए, जिनसे यह समझा गया कि सड़क की हालत, गति और यात्रा की अवधि राइडर के आराम को कैसे प्रभावित करती है। दूसरे मॉडल में मोटरसाइकिल सीट के डिजाइन को बेहतर बनाने पर काम किया गया। इसमें सीट की कठोरता, वजन और कुशनिंग जैसे चार अहम पहलुओं की पहचान हुई, जिनके सही संतुलन से कंपन को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

क्या हो सकता है समाधान?

प्रो. आबिद अली खान का कहना है कि डिलीवरी राइडर्स के लिए विशेष एर्गोनॉमिक सीट डिजाइन, शरीर के अनुरूप बैकपैक और बेहतर सस्पेंशन सिस्टम विकसित किए जाने चाहिए। इससे न केवल राइडर्स की सेहत और सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि उनकी कार्यक्षमता और संतुष्टि भी बढ़ेगी।