पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने देशवासियों और उद्योगों को भरोसा दिलाया है कि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति लगातार बनी रहेगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी भी आपूर्ति संकट की संभावना नहीं है।
सरकार ने यह भी बताया कि कुछ जगहों पर लोगों द्वारा घबराहट में की जा रही खरीदारी (पैनिक बाइंग) को देखते हुए त्वरित कदम उठाए गए हैं, ताकि ऊर्जा बाजार स्थिर रहे।
कीमत नियंत्रण और आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपाय
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में ईंधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और रिफाइनरियां सामान्य रूप से चल रही हैं। कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त स्तर पर है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन का इस्तेमाल करें।
सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की है, जिससे कीमतें स्थिर रहें। साथ ही, डीजल की निर्यात पर शुल्क लगाकर घरेलू आपूर्ति बनाए रखने के उपाय किए गए हैं। प्राकृतिक गैस के घरेलू उपयोग को 100% सुनिश्चित किया जा रहा है।
एलपीजी की आपूर्ति सामान्य
एलपीजी वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वितरण नियमित रूप से हो रहा है। पिछले दो दिनों में 1.04 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 92 लाख सिलेंडर सफलतापूर्वक वितरित किए गए। 95% बुकिंग ऑनलाइन और 82% डिलीवरी ‘प्रमाणीकरण कोड’ के माध्यम से सुनिश्चित की गई है।
वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता भी लगभग 70% बढ़ाई गई है। ढाबों, रेस्तरां, औद्योगिक कैंटीन और प्रवासी श्रमिकों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि सभी को पर्याप्त गैस मिले।
सरकार की अपील
पेट्रोलियम मंत्रालय ने आम जनता से कहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकांश रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। नागरिकों से अनुरोध है कि पैनिक बाइंग से बचें और अपनी वास्तविक जरूरत के हिसाब से ही ईंधन का इस्तेमाल करें।
सरकार ने इस तरह पूरे देश में ईंधन सुरक्षा बनाए रखने के लिए रणनीतिक उपाय किए हैं, ताकि वैश्विक संकट के बावजूद घरेलू आपूर्ति में कोई कमी न आए।