मुंबई। पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज दबाव देखने को मिला, वहीं विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,191.24 अंक टूटकर 72,391.98 पर आ गया। एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी भी 349.45 अंक की गिरावट के साथ 22,470.15 पर बंद हुआ। हालांकि, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 128 पैसे मजबूत होकर 93.57 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की शीर्ष कंपनियों में एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक सबसे अधिक गिरावट वाले शेयर रहे। वहीं, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर लाभ में रहे।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला प्रदर्शन
एशियाई बाजारों में सोमवार को मिश्रित रुझान देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स नीचे कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट सकारात्मक दायरे में बना रहा।
विदेशी निवेशकों ने भारी निकासी की
मार्च माह में विदेशी निवेशकों ने घरेलू शेयर बाजार से लगभग 1.14 लाख करोड़ रुपये (करीब 12.3 अरब अमेरिकी डॉलर) निकाल लिए, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक बहिर्वाह है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे पश्चिमी एशिया संघर्ष, तेल की ऊंची कीमतें और रुपये की कमजोरी मुख्य वजह हैं।
तेल की कीमत में गिरावट
वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 2.32 प्रतिशत गिरकर 115.3 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बाजार आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 4,367.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,566.15 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
पिछले शुक्रवार सेंसेक्स 1,690.23 अंक या 2.25 प्रतिशत गिरकर 73,583.22 पर और निफ्टी 486.85 अंक या 2.09 प्रतिशत गिरकर 22,819.60 पर बंद हुआ।