शेयर बाजार ने बुधवार को शुरुआती कारोबार में सकारात्मक रुख दिखाया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 303.73 अंकों की बढ़त के साथ 74,222.49 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 85.40 अंकों की तेजी के साथ 23,327.50 पर कारोबार करता नजर आया।
हालांकि दूसरी ओर विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये पर दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे कमजोर होकर 95.56 पर आ गया। बाजार को रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े शेयरों में हुई खरीदारी से समर्थन मिला, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी निवेशकों की धारणा को मजबूती दी।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से कई दिग्गज शेयरों ने बढ़त दर्ज की। इनमें हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, ट्रेंट और आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख लाभ में रहे। वहीं दूसरी ओर टाटा स्टील, इटरनल लिमिटेड, अदानी पोर्ट्स और टेक महिंद्रा के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
वैश्विक कच्चे तेल बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 91.90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा, जो 93 डॉलर के स्तर से नीचे है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय तनावों के बावजूद बाजार फिलहाल स्थिर रुझान दिखा रहा है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, कच्चे तेल की नरमी भारतीय बाजार के लिए राहत का संकेत है।
लाइवलॉन्ग वेल्थ के विश्लेषक हरिप्रसाद के मुताबिक तेल की कीमतों में कमी से भारत की महंगाई और चालू खाते पर दबाव कम हो सकता है, जिससे आर्थिक स्थिरता को सपोर्ट मिलेगा।
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की कमजोरी का कारण पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को माना जा रहा है। अंतरबैंक बाजार में रुपया 95.52 पर खुलकर 95.56 तक फिसल गया।
व्यापारियों के अनुसार, भारत जैसे आयात-आधारित ऊर्जा उपभोक्ता देश के लिए कच्चे तेल में कोई भी बढ़ोतरी रुपये पर अतिरिक्त दबाव डालती है। डॉलर इंडेक्स भी हल्की बढ़त के साथ 99.94 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर डॉलर मजबूत बना हुआ है।
इससे पहले मंगलवार को भी घरेलू बाजार मजबूती के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स 394.50 अंकों की बढ़त के साथ 73,918.76 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 119.10 अंकों की तेजी के साथ 23,242.10 पर बंद हुआ था। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने उस दिन भारी बिकवाली की थी, जबकि रुपये ने डॉलर के मुकाबले मजबूती दिखाई थी।