केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के मौके पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस उपलब्धि को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है और बढ़ती महंगाई को सबसे बड़ा मुद्दा बताया है।
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सरकार “अमृतकाल” और विकास की तस्वीर पेश कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत आम लोगों के लिए अलग है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी सिलेंडर और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने मध्यम और गरीब वर्ग की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा दिया है।
सुरजेवाला ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि हाल के समय में कई खाद्य वस्तुओं के दाम तेजी से बढ़े हैं। उनके अनुसार अरहर दाल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, सरसों तेल और अन्य रसोई सामग्री भी महंगी हुई है, जबकि ईंधन की कीमतें आम परिवारों के मासिक बजट को प्रभावित कर रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ईंधन महंगा होने का असर परिवहन और अन्य सेवाओं पर भी पड़ा है, जिससे समग्र महंगाई और बढ़ गई है। कांग्रेस का कहना है कि पहले जो बजट पूरे महीने का खर्च संभाल लेता था, अब उसी में घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
इसी मुद्दे पर कांग्रेस के एक अन्य नेता ने सरकार की तुलना को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि किसी भी सरकार का मूल्यांकन उसके कार्यकाल की अवधि से नहीं, बल्कि जनता के जीवन पर पड़े प्रभाव से किया जाना चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि शुरुआती वर्षों में देश की बुनियाद मजबूत करने पर ध्यान दिया गया था।
उधर, भाजपा देशभर में सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को जनता के बीच रख रही है। पार्टी विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक योजनाओं को अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
वहीं विपक्ष लगातार महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश में है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में आर्थिक मुद्दे और महंगाई राजनीतिक बहस का प्रमुख केंद्र बने रह सकते हैं।