नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को जानकारी दी कि भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति देगा।
भारत और ब्रिटेन के बीच इस समझौते को आधिकारिक रूप से व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) कहा जाता है। लगभग तीन वर्षों की लंबी वार्ताओं के बाद दोनों देशों ने इस पर पिछले वर्ष जुलाई में हस्ताक्षर किए थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह समझौता भारत के किसानों, श्रमिकों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। उन्होंने इसे ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार, इस समझौते से भारतीय निर्यात को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है।
समझौते के तहत ब्रिटेन ने इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, खिलौने, रत्न एवं आभूषण जैसे कई भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इससे भारतीय कंपनियों को ब्रिटेन के बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में बड़ी राहत मिलेगी। खासकर श्रम-आधारित उद्योगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा, क्योंकि पहले इन उत्पादों पर 8 से 20 प्रतिशत तक शुल्क लगता था।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से भारत के टेक्सटाइल और लेदर सेक्टर को बड़ा लाभ होगा। कपड़ा और परिधान उत्पादों पर शुल्क समाप्त होने से भारतीय सामान ब्रिटेन में अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे।
वहीं, चमड़ा उत्पादों पर 16 प्रतिशत तक शुल्क में कमी से भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे। उद्योग जगत का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में भारत ब्रिटेन के लेदर बाजार में अपनी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ा सकता है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।