दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मेरठ से ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन (RRTS) चलाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के बीच इस महत्वाकांक्षी परियोजना के रूट को लेकर सहमति बन गई है। इसके साथ ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए 7.02 करोड़ रुपये के परामर्श शुल्क को भी मंजूरी मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।

जल्द शुरू होगा सर्वे

परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए अब मेरठ से लक्ष्मणझूला तक प्रस्तावित कॉरिडोर का तकनीकी सर्वे कराया जाएगा। करीब 150 किलोमीटर लंबे इस रूट की डीपीआर तैयार होने के बाद निर्माण कार्य की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। परियोजना पूरी होने पर दिल्ली से ऋषिकेश तक की यात्रा का समय काफी कम होकर लगभग ढाई घंटे रह जाएगा।

धामी ने केंद्र के सामने रखा था प्रस्ताव

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लंबे समय से नमो भारत नेटवर्क को राज्य तक विस्तार देने की वकालत कर रहे थे। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर के समक्ष इस परियोजना का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद केंद्र सरकार और दोनों राज्यों के बीच आवश्यक स्तर पर सहमति बनने का रास्ता साफ हुआ।

मोदीपुरम से लक्ष्मणझूला तक होगा रूट

प्रस्तावित योजना के अनुसार ट्रेन मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से शुरू होकर मुजफ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला क्षेत्र तक पहुंचेगी। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 150 किलोमीटर होगी, जिसमें करीब 72 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और 78 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में पड़ेगा।

160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार

नमो भारत ट्रेन को हाई-स्पीड क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रस्तावित रूट पर ट्रेन की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है, जिससे दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

परियोजना के शुरू होने से उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। हरिद्वार और ऋषिकेश आने वाले तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को नई पहचान देगी और राज्य के आर्थिक व पर्यटन विकास में अहम भूमिका निभाएगी। सरकार इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ लगातार समन्वय कर रही है।