भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। बीजेपी का कहना है कि अब केवल जनता ही नहीं, बल्कि इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल भी उनके नेतृत्व को लेकर असहज नजर आ रहे हैं।

पार्टी ने दावा किया है कि डीएमके के मुखपत्र मुरासोली में प्रकाशित एक संपादकीय में भी राहुल गांधी के नेतृत्व और उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसी आधार पर बीजेपी ने विपक्षी एकता पर दरार के संकेत मिलने की बात कही है।

‘सहयोगी दलों का भरोसा घटा’: बीजेपी

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने कहा कि राहुल गांधी अब विपक्षी गठबंधन के लिए एक “राजनीतिक बोझ” बनते जा रहे हैं। उनके अनुसार, डीएमके के लेख में यह संकेत दिया गया है कि कांग्रेस नेतृत्व विपक्षी दलों के साथ तालमेल बनाने में सफल नहीं हो पा रहा है।

पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करती है और बाद में उन्हें किनारे कर देती है।

इंडिया गठबंधन में असंतोष का दावा

बीजेपी नेता ने आगे दावा किया कि इंडिया गठबंधन के कई घटक दल समय-समय पर राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर असंतोष जता चुके हैं। उन्होंने तमिलनाडु की डीएमके, पश्चिम बंगाल की टीएमसी, वाम दलों, शिवसेना (उद्धव गुट) और आरजेडी जैसे दलों का उदाहरण दिया।

उनका कहना है कि इन दलों ने अलग-अलग समय पर कांग्रेस नेतृत्व की कार्यशैली और रणनीति पर सवाल उठाए हैं।

बैठक में भी उठे सवाल: बीजेपी का आरोप

पूनावाला ने यह भी दावा किया कि हाल ही में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक के दौरान भी कुछ सहयोगी दलों ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि कई दलों ने चुनावी रणनीति और समन्वय को लेकर नाराजगी जाहिर की है।

बीजेपी के अनुसार, समाजवादी पार्टी जैसे प्रमुख सहयोगी दलों ने भी नेतृत्व को लेकर असहमति जताई है, जबकि कुछ दलों की ओर से बैठक में भागीदारी सीमित रही।

विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया नहीं

हालांकि, बीजेपी के इन आरोपों पर कांग्रेस या डीएमके की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह राजनीतिक बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब विपक्षी दल आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीति और गठबंधन की एकजुटता मजबूत करने में जुटे हुए हैं।