राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge द्वारा प्रधानमंत्री Narendra Modi के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी के छह राज्यसभा सांसदों ने खरगे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दाखिल किया है, जिसमें उन पर प्रधानमंत्री के प्रति “अपमानजनक और असंसदीय भाषा” इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।
भाजपा सांसदों का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां संसद की गरिमा और परंपराओं के खिलाफ हैं, इसलिए मामले पर कार्रवाई जरूरी है।
सभापति ने भेजा मामला विशेषाधिकार समिति को
राज्यसभा के सभापति C.P. Radhakrishnan ने इस नोटिस पर संज्ञान लेते हुए इसे जांच के लिए विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है। समिति अब पूरे मामले की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट सभापति को सौंपेगी।
रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि खरगे की टिप्पणी संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन है या नहीं, और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। इस घटनाक्रम के बाद संसद सत्र से पहले राजनीतिक माहौल गरमाने की संभावना है।
किन सांसदों ने दिया नोटिस
यह विशेषाधिकार हनन नोटिस भाजपा के छह राज्यसभा सांसदों—बृज लाल, मिथलेश कुमार, सुमित्रा बाल्मिक, शिवेश कुमार, सिकंदर कुमार और नागेंद्र राय—द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत किया गया है।
सांसदों का आरोप है कि मल्लिकार्जुन खरगे लगातार प्रधानमंत्री के खिलाफ असंसदीय भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जो सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
किस नियम के तहत हुई कार्रवाई
यह नोटिस राज्यसभा की कार्यप्रणाली के नियम 188 के तहत दाखिल किया गया है। इसके बाद सभापति ने नियम 203 के तहत मामले को विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया है।
समिति अब तथ्यों की जांच कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके बाद राज्यसभा इस पर अंतिम निर्णय लेगी।
विशेषाधिकार समिति का गठन
राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति की अध्यक्षता उपसभापति Harivansh Narayan Singh कर रहे हैं। समिति में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, दीपक प्रकाश, सुमेर सिंह सोलंकी, सुरेंद्र सिंह नगर, मनन कुमार मिश्रा और निर्दलीय सांसद कार्तिकेय शर्मा शामिल हैं।