नई दिल्ली में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उन मीडिया रिपोर्टों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने करीब 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेच दिया है। RBI और वित्त मंत्रालय दोनों ने इन दावों को भ्रामक और गलत करार दिया है।

सरकारी एजेंसियों के अनुसार, इस तरह का कोई सोना बिक्री लेन-देन नहीं हुआ है और न ही विदेशी मुद्रा भंडार में किसी प्रकार की कमी सोने की बिक्री के कारण हुई है।

रिपोर्ट्स को बताया गलत सूचना

प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक और RBI दोनों ने अलग-अलग बयान जारी कर ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट को खारिज किया है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मई 2026 के मध्य तक RBI ने सोना बेचकर विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत किया है।

RBI ने जारी किए आंकड़े

आरबीआई के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा सितंबर 2025 में 13.92% से बढ़कर मार्च 2026 में 16.70% और 22 मई 2026 तक 16.85% हो गया है। इस अवधि में भौतिक स्वर्ण भंडार में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

आंकड़ों के मुताबिक, 2 मई 2025 को आरबीआई के पास 879.58 मीट्रिक टन सोना था, जो 24 अप्रैल 2026 तक बढ़कर 880.52 मीट्रिक टन हो गया। इस दौरान सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते भंडार का कुल मूल्य 6,91,478 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,33,076 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

मूल्य में बदलाव, बिक्री नहीं

RBI ने स्पष्ट किया कि 22 मई 2026 के साप्ताहिक आंकड़ों में दर्ज सोने के मूल्य में जो गिरावट दिखी, वह किसी बिक्री का परिणाम नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मुद्रा विनिमय दर के प्रभाव के कारण है।

भौतिक स्वर्ण भंडार पूरी तरह 880.52 मीट्रिक टन पर स्थिर बना हुआ है।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य भी जोड़ा

वैश्विक स्तर पर कई देशों के केंद्रीय बैंक समय-समय पर सोने की खरीद-बिक्री करते हैं, जो उनकी मौद्रिक रणनीति का हिस्सा होता है। हालांकि, भारत की स्थिति अलग बताई गई है, जहां RBI लंबे समय से शुद्ध सोना खरीदार रहा है।

भारत का स्वर्ण भंडार मजबूत स्थिति में

मार्च 2026 तक RBI के कुल स्वर्ण भंडार में से 680 टन से अधिक सोना देश के भीतर सुरक्षित रखा गया है। यह भारत की आर्थिक सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता के लिए मजबूत संकेत माना जा रहा है।

ब्लूमबर्ग रिपोर्ट पर सवाल

ब्लूमबर्ग के विश्लेषण में मई के मध्य में संभावित सोना बिक्री का अनुमान लगाया गया था, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों ने इन दावों का खंडन कर दिया है।