फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी जोमैटो–ब्लिंकिट की पैरेंट फर्म इटरनल के शीर्ष प्रबंधन में बड़ा बदलाव किया गया है। कंपनी के संस्थापक दीपेंद्र गोयल ने सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है। स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना के अनुसार, ब्लिंकिट के संस्थापक अलबिंदर ढींडसा को नया ग्रुप सीईओ नियुक्त किया गया है। यह बदलाव 1 फरवरी से लागू होगा। ढींडसा अब कंपनी के दैनिक संचालन और रणनीतिक फैसलों की कमान संभालेंगे।
तीसरी तिमाही में मुनाफे में तेज उछाल
इटरनल ने वित्त वर्ष 2026 की दिसंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 72.88% बढ़कर 102 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह आंकड़ा 59 करोड़ रुपये था।
बोर्ड ने इस्तीफे को दी मंजूरी
कंपनी के बोर्ड ने दीपेंद्र गोयल के निदेशक, प्रबंध निदेशक और सीईओ पद से इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। साथ ही, शेयरधारकों की मंजूरी मिलने पर उन्हें पांच वर्षों के लिए बोर्ड में उपाध्यक्ष और निदेशक बनाए जाने की सिफारिश भी की गई है।
इस्तीफे की वजह: नए प्रयोग और जोखिम भरे विचार
गोयल ने शेयरधारकों को लिखे पत्र में कहा कि अब वे ऐसे नए और हाई-रिस्क विचारों पर काम करना चाहते हैं, जिनके लिए किसी पब्लिक कंपनी की संरचना उपयुक्त नहीं होती। उन्होंने बताया कि उनका झुकाव अब गहन शोध और प्रयोगों की ओर है, जिन्हें स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाना अधिक प्रभावी होगा।
अलबिंदर ढींडसा पर जताया भरोसा
गोयल ने कहा कि ब्लिंकिट के अधिग्रहण से लेकर उसे ब्रेक-ईवन तक पहुंचाने में ढींडसा की भूमिका अहम रही है। इसी अनुभव के आधार पर उन्हें कंपनी का नेतृत्व सौंपा गया है। इस बदलाव के बाद गोयल के सभी अनवेस्टेड स्टॉक ऑप्शन दोबारा कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन पूल में शामिल हो जाएंगे।
अब किन क्षेत्रों पर काम करेंगे गोयल
इटरनल से हटने के बाद दीपेंद्र गोयल अपने निजी रिसर्च और डीप-टेक प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देंगे। इनमें शामिल हैं—
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एलएटी एयरोस्पेस: पूर्व ज़ोमैटो COO सुरभि दास के स्टार्टअप में 20 मिलियन डॉलर का निवेश।
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कंटीन्यू: हेल्थ और वेलनेस पर केंद्रित वेंचर, जो मानव जीवनकाल बढ़ाने पर शोध करता है।
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टेंपल: मस्तिष्क में रक्त प्रवाह की निगरानी करने वाली डिवाइस पर काम करने वाला नया स्टार्टअप।
ज़ोमैटो से इटरनल तक का सफर
दीपेंद्र गोयल ने 2008 में पंकज चड्ढा के साथ ज़ोमैटो की शुरुआत की थी, जिसे पहले फूडीबे के नाम से जाना जाता था। हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने बताया था कि वे खुद को एक बड़े संगठन के सीईओ की तुलना में प्रोडक्ट इनोवेशन से जुड़ी भूमिका में अधिक सहज महसूस करते हैं।