मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) अस्पताल से जुड़ी एमबीबीएस छात्रा सेजल पवार द्वारा एक कॉमेडी शो में की गई टिप्पणी अब गंभीर विवाद का कारण बन गई है। बताया जा रहा है कि शो के दौरान उन्होंने मेडिकल शिक्षा से जुड़े कैडेवर (शवों) को लेकर आपत्तिजनक तुलना जैसी बात कही थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बवाल खड़ा हो गया है।
करीब तीन महीने पुराने इस वीडियो के सामने आने के बाद शव दान और मेडिकल शिक्षा से जुड़े संवेदनशील विषयों के कथित अपमान को लेकर विभिन्न संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
केईएम अस्पताल और सेठ गोरधनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. हरीश पाठक ने बयान जारी कर कहा कि इस तरह की टिप्पणियां अस्वीकार्य हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल शिक्षा में उपयोग होने वाले शवों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता जरूरी है, क्योंकि ये शरीर दान के माध्यम से प्राप्त होते हैं और शिक्षा व शोध में अहम भूमिका निभाते हैं। मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो जल्द रिपोर्ट सौंपेगी।
विवाद बढ़ने के बाद सेजल पवार ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, लेकिन वह अब समझती हैं कि उनके शब्दों का प्रभाव गलत पड़ा। उन्होंने आगे से अधिक जिम्मेदारी के साथ बोलने की बात कही है।
इस मामले पर मेडिकल छात्र संगठन AIMSA ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने शव दान करने वालों और मानव शरीर रचना विज्ञान से जुड़े विषयों का इस तरह मजाक उड़ाने को अस्वीकार्य बताया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही भविष्य में ऐसी सामग्री पर रोक लगाने की अपील भी की गई है।
उधर, यह विवाद एक अन्य वायरल कॉमेडी शो क्लिप के बाद और गहरा गया है, जिसमें भी कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी थी। उस मामले में जुड़े लोगों द्वारा माफी मांगे जाने के बाद अब सेजल पवार का बयान भी चर्चा में आ गया है।