चंडीगढ़। हरियाणा राज्य महिला आयोग में बड़े बदलाव के तहत सरकार ने नई नियुक्तियों की घोषणा कर दी है। यह कदम पूर्व अध्यक्ष रेनू भाटिया के इस्तीफे के बाद उठाया गया है, जिन्होंने कुरुक्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ से जुड़े विवाद के बीच अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था।

सरकारी आदेश के अनुसार भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और गुरुग्राम निवासी ऊषा प्रियदर्शनी को आयोग की नई चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। वहीं भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री तथा तोशाम से विधानसभा चुनाव लड़ चुकीं मीना परमार को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा आयोग में भारती सैनी, सुनीता लोहचब, सुमन शहजादवाला, अनुकंपा गर्ग और सुनीता चौहान को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। नियुक्ति संबंधी आदेश महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी द्वारा जारी किए गए।

हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अभी भी पूर्व अध्यक्ष रेनू भाटिया का नाम और फोटो ही प्रदर्शित हो रहा है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

महिला आयोग की संरचना के अनुसार इसमें एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और अधिकतम पांच गैर-सरकारी सदस्य होते हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक और सचिव पदेन सदस्य के रूप में शामिल रहते हैं, जबकि किसी महिला आईएएस या एचसीएस अधिकारी को सदस्य सचिव नियुक्त किया जाता है।

नियमों के अनुसार आयोग के अध्यक्ष और अन्य गैर-सरकारी सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष तय है। रेनू भाटिया ने 19 जनवरी 2022 को अध्यक्ष पद संभाला था और उनका कार्यकाल जनवरी 2025 में समाप्त होना तय था। हालांकि 26 नवंबर 2024 को विभागीय पत्र के जरिए उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया गया था, जिस पर अब नियमों के उल्लंघन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।