तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच बागी सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने शुक्रवार को कहा कि वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अपने गुट को सदन में “असली टीएमसी” के रूप में मान्यता देने की मांग करेंगे। साथ ही उन्होंने सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की भी मांग उठाई है।
बसुनिया ने दावा किया कि उनके साथ अधिकतर सांसद मौजूद हैं और उन्होंने एक अलग समूह का गठन कर लिया है। उनके अनुसार, वे स्पीकर से यह आग्रह करेंगे कि उनके गुट को ही वास्तविक टीएमसी के रूप में स्वीकार किया जाए और संसद में उनकी बैठने की व्यवस्था अलग की जाए। इस मुद्दे पर उनकी बैठक 15 जून को संभावित है।
जब उनसे पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से संपर्क को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी तरह की बातचीत या फोन कॉल नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें अन्य सांसदों से संपर्क की जानकारी नहीं है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से चल रहे आंतरिक मतभेद अब संसद तक पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। विधानसभा स्तर पर भी टीएमसी में कई नेताओं के असंतोष और अलग रुख की खबरें पहले सामने आ चुकी हैं।
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में टीएमसी के बागी सांसदों के एक समूह ने लगभग 19 से 20 सांसदों के समर्थन का दावा किया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी सूची लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय में भी सौंपी है, जिसमें कई वरिष्ठ और चर्चित सांसदों के नाम शामिल हैं।