दिल्ली हाई कोर्ट में शुक्रवार को बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ की रिलीज और प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने की मांग की गई है। सलमान खान का आरोप है कि इस फिल्म के जरिए उनके पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन किया जा रहा है और इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है।

एएनआई के अनुसार, यह मामला सलमान खान द्वारा दायर एक लंबित व्यावसायिक याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने अपने व्यक्तित्व और पब्लिसिटी अधिकारों की सुरक्षा की मांग की है।

जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की अदालत में सुनवाई के दौरान सलमान खान की ओर से पेश वकील निजाम पाशा ने दलील दी कि हाई कोर्ट पहले ही एक आदेश में अभिनेता के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा सुनिश्चित कर चुका है। इसके बावजूद 29 मई को जारी एक पोस्टर में एक ऐसे व्यक्ति को दिखाया गया है, जो कथित तौर पर सलमान खान जैसा दिखाई देता है और उसी तरह का नीला ब्रेसलेट भी पहने हुए है।

वकील ने यह भी कहा कि फिल्म का विषय उन आपराधिक मामलों से जुड़ा है, जिन पर लंबे समय से सार्वजनिक और मीडिया में चर्चा होती रही है। काले हिरण शिकार मामले का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इस केस में चार एफआईआर दर्ज हुई थीं, जिनमें से तीन में सलमान खान को बरी किया जा चुका है, जबकि एक मामला अभी लंबित है।

कोर्ट को यह भी बताया गया कि फिल्म के ट्रेलर को हाल ही में जारी किया गया है और इससे जुड़े कंटेंट को लेकर आपत्तियां बनी हुई हैं। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की है।

सलमान खान ने अपनी याचिका में प्रोड्यूसर अमित जानी, जानी फायरफॉक्स फिल्म्स, निर्देशक भरत श्रीनाटे, अक्षय पांडे और अन्य संबंधित पक्षों को प्रतिवादी बनाया है। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।