मुंबई। बॉलीवुड निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर हुई फायरिंग ने मुंबई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले की लगातार जांच कर रही है और हर नए सुराग से मामला और जटिल होता जा रहा है।

पुलिस को जांच के दौरान अहम संकेत मिले हैं कि यह हमला किसी संगठित साजिश का हिस्सा था। घटनास्थल पर यह बात सामने आई कि शूटर अकेला नहीं था। उसके साथ बिश्नोई गैंग का एक अन्य सदस्य मौजूद था, जो आसपास निगरानी रख रहा था। फायरिंग के तुरंत बाद दोनों आरोपी एक साथ घटनास्थल से फरार हो गए।

पुलिस ने रोहित शेट्टी के घर और आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। फुटेज में दोनों आरोपियों की पहचान की जा चुकी है, लेकिन 13 दिन बीत जाने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

जांच में यह भी पता चला है कि फायरिंग के बाद आरोपी कल्याण रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से एक्सप्रेस ट्रेन पकड़कर मुंबई से बाहर चले गए। विले पार्ले स्टेशन और ट्रेनों की जानकारी जुटाने के बाद, उन्होंने प्राइवेट परिवहन का सहारा लिया और सीधे कल्याण स्टेशन पहुंचकर ट्रेन में सवार हुए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रेन किस दिशा में गई और आरोपी अब कहां हैं।

मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि नेपाल होते हुए देश से बाहर जाने की संभावना के मद्देनजर कई टीमों को सीमा क्षेत्रों में तैनात किया गया है। टीमें लगातार संदिग्धों पर नजर रखे हुए हैं। फिलहाल पुलिस घटनास्थल और रेलवे मार्गों से सबूत इकट्ठा कर रही है, ताकि शूटर और उसके साथी जल्द पकड़ में आ सकें।