श्रीनगर। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर हुए हमले और उनके विरोध में शिया मुसलमानों के प्रदर्शन के बाद श्रीनगर के घंटाघर के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उठाया गया है।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नागरिक समाज और धार्मिक नेताओं के साथ बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी शरारती तत्व को सफल नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ईरानी युद्धपोत पर हुए हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि भारत को इस संघर्ष में खींचा जा रहा है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ी है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के कई लोग ईरान में फंसे हैं और भारतीय सरकार उनकी सुरक्षित वापसी के प्रयास कर रही है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को एक युद्ध के रूप में देखा जाना चाहिए और अमेरिका इस क्षेत्र में कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने फंसे हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया और कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला विदेश मंत्रालय के साथ इस पर निरंतर संपर्क में हैं।