ढाका: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में शानदार जीत के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नए सांसदों ने मंगलवार को राष्ट्रीय संसद के साउथ प्लाजा में पद की शपथ ली। इसी अवसर पर बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ भी ली।
संविधान सुधार परिषद से दूरी
बीएनपी नेताओं ने सांविधानिक सुधार परिषद के सदस्य के रूप में शपथ लेने से इनकार किया। प्रमुख चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने देश के संविधान के अनुसार सांसदों को शपथ दिलाई। 12वीं संसद के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के पद खाली होने के कारण, शपथ ग्रहण समारोह संसद सचिवालय सचिव कनीज मौला ने करवाई।
बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका-17 निर्वाचन क्षेत्र से सांसद के तौर पर शपथ ली। इस दौरान उनकी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जाइमा रहमान समारोह में मौजूद थीं। बीएनपी नेता सलाउद्दीन अहमद ने बताया कि सभी नए सांसदों को संविधान सुधार परिषद फॉर्म पर हस्ताक्षर न करने का निर्देश दिया गया क्योंकि उन्हें परिषद का सदस्य नहीं चुना गया था।
जुलाई चार्टर और राजनीतिक पृष्ठभूमि
2024 में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार और 30 राजनीतिक दलों ने संवैधानिक, चुनावी और प्रशासनिक सुधारों की योजना प्रस्तुत की थी, जिसे जुलाई 2025 में पेश किया गया। इसे लागू करने के लिए सभी चुने हुए सांसदों को पहले संविधान सुधार परिषद की शपथ लेनी थी।
बीएनपी सांसदों के शपथ नहीं लेने के कारण जुलाई चार्टर फिलहाल रुका हुआ है। इसके अलावा, जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) समेत कुछ अन्य दल भी शपथ लेने से हिचकिचा रहे हैं।
आम चुनाव में बीएनपी की बड़ी जीत
12 फरवरी को हुए आम चुनाव में बीएनपी ने 209 सीटों पर जीत दर्ज की। कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं, एनसीपी ने 6, निर्दलीय उम्मीदवारों ने 7, जबकि अन्य छोटे दलों ने बचे हुए सीटों पर कब्जा किया। कुल मिलाकर बीएनपी के नेतृत्व वाला गठबंधन 212 सीटों पर जीत हासिल कर सत्ता में आया, जबकि जमात के नेतृत्व वाला गठबंधन 77 सीटों तक सीमित रहा।
इस शपथ ग्रहण और संविधान सुधार परिषद से दूरी ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है और बांग्लादेश में आगे की कार्यवाहियों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।