बांग्लादेश के सैन्यकर्मियों और अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के सदस्यों के बीच मंगलवार को झड़प हुई। ये लोग देश में हिंसा के दौरान लापता हुए अपने परिवार के सदस्यों के पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

इन सदस्यों ने ढाका में जमुना स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर प्रदर्शन किया, जहां बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस रह रहे हैं। बता दें कि इस समय बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिति काफी उतार-चढ़ाव भरी है।

'मेरा बच्चा कहां है?'

ANI द्वारा जारी एक वीडियो में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय का एक सदस्य अपने लापता बेटे का पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। वीडियो में प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा, 'मैं अपनी जान दे दूंगा, लेकिन मुझे अपने बच्चे के लिए न्याय चाहिए। मेरा बच्चा कहां है? मैं अपने बच्चे के बारे में पूछताछ करने के लिए दर-दर भटक रहा हूं, लेकिन कोई मेरी बात नहीं सुन रहा है।'

मुहम्मद यूनुस ने किया मंदिर का दौरा

इससे पहले, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार, नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने मंगलवार को ढाका में ऐतिहासिक ढाकेश्वरी मंदिर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को देश में उनकी सुरक्षा का आश्वासन दिया। 

युनूस ने आगे कहा कि 'हमारी लोकतांत्रिक आकांक्षाओं में हमें मुसलमान, हिंदू या बौद्ध के रूप में नहीं बल्कि इंसान के रूप में देखा जाना चाहिए। हमारे अधिकार सुनिश्चित होने चाहिए। सभी समस्याओं की जड़ संस्थागत व्यवस्थाओं के क्षय में निहित है। इसीलिए ऐसे मुद्दे उठते हैं। संस्थागत व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की जरूरत है।'