उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रविवार को महंत दिग्विजय नाथ पार्क में निषाद पार्टी का प्रांतीय अधिवेशन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद आरक्षण के मुद्दे पर भावुक नजर आए और उन्होंने निषाद समाज के अधिकारों को लेकर जोरदार तरीके से अपनी बात रखी।

मंच से संबोधित करते हुए डॉ. निषाद ने कहा कि आरक्षण किसी भी समाज का वैधानिक अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समाज के हित में जरूरत पड़ी तो वे अपना मंत्री पद तक छोड़ने को तैयार हैं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “मेरा पद ले लो, लेकिन मेरे समाज को उसका हक मिलना चाहिए,” और इस दौरान उनकी आंखें नम हो गईं।

उन्होंने सरकार के सामने एक अहम प्रस्ताव भी रखा। इसके तहत ओबीसी वर्ग के कोटे में से 9 प्रतिशत आरक्षण कम कर मछुआरा समुदाय को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करने की मांग की गई। उनका कहना था कि ऐसा करने से लंबे समय से चली आ रही सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को दूर करने में मदद मिलेगी।

अपने संबोधन में डॉ. निषाद ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि निषाद समाज को उसका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि उनके समुदाय के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि समाज को बराबरी का अवसर मिल सके।