एम्स्टर्डम। नीदरलैंड के रक्षा मंत्रालय की एक नई खुफिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यूक्रेन युद्ध समाप्त होने के बाद रूस यूरोप में तनाव बढ़ा सकता है और नाटो के किसी सदस्य देश के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

यह आकलन नीदरलैंड की वार्षिक रक्षा नीति दस्तावेज़ का हिस्सा है, जिसे सोमवार को जारी किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस लंबे समय से यूरोप के साथ संभावित लंबे संघर्ष की तैयारी में जुटा हुआ है।

रूस की सैन्य तैयारी पर नजर

रिपोर्ट के अनुसार, रूसी सेना की मौजूदा गतिविधियां इस ओर संकेत करती हैं कि मॉस्को भविष्य में यूरोप के साथ लंबे समय तक रणनीतिक तनाव बनाए रखने की स्थिति में खुद को तैयार कर रहा है। दस्तावेज़ में यह भी उल्लेख किया गया है कि सबसे गंभीर स्थिति में यूक्रेन युद्ध खत्म होने के लगभग एक साल के भीतर नाटो देशों पर सीमित हमले की संभावना बन सकती है।

यूरोप में सुरक्षा रणनीति पर पुनर्विचार

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब यूरोपीय देश रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते अपनी सुरक्षा नीतियों की समीक्षा कर रहे हैं। आने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में भी रूस से उत्पन्न खतरे और सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है।

नाटो नेतृत्व पहले भी संकेत दे चुका है कि रूस आने वाले वर्षों में सैन्य शक्ति का इस्तेमाल करके पश्चिमी देशों पर दबाव बढ़ा सकता है।

‘युद्ध और शांति के बीच स्थिति’

रिपोर्ट में यूरोप की मौजूदा स्थिति को “युद्ध और शांति के बीच की अनिश्चित अवस्था” बताया गया है, जिसमें सैन्य तैयारी के साथ-साथ नई तकनीकों में निवेश को भी जरूरी माना गया है।

यूक्रेन में हालात और बढ़ता तनाव

इधर, यूक्रेन में संघर्ष लगातार जारी है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के अनुसार, हालिया रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों में कई नागरिकों की जान गई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। उन्होंने यूरोपीय देशों से मजबूत वायु रक्षा प्रणाली विकसित करने की अपील की है।

विशेषज्ञों की राय

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारी नुकसान के बावजूद रूस अपनी सैन्य क्षमताओं को फिर से मजबूत करने में जुटा है। ड्रोन उत्पादन में वृद्धि और सेना के पुनर्गठन को देखते हुए आने वाले वर्षों में रूस एक बार फिर नाटो देशों के लिए रणनीतिक चुनौती बन सकता है।