सूडान की राजधानी खार्तूम में 15 अप्रैल से शुरू हुई हिंसा अब तक जारी है। इस हिंसा ने अब खतरनाक रूप धारण कर लिया है, जिसमें 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। रोजाना की गोलीबारी और हवाई हमले की वजह से लोग डर से घरों के भीतर रहने को मजबूर है।

विभिन्न देश अपने नागरिकों को सूडान से बाहर निकालने के प्रयास में लगे हुए हैं। रविवार को वॉशिंगटन दूतावास को खाली कराया गया। दूसरे देशों का कहना है कि सूडान के हवाई अड्डे बंद है, इसके बावजूद वे अपने नागरिकों को बाहर निकालने की तैयारी में जुटे हुए हैं। इसी बीच फ्रांस की तरफ से नागरिकों को निकालने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।

फ्रांस की तरफ से चला निकासी अभियान 
सूडान में देश की सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच पिछले कुछ दिनों से जारी संघर्ष में कई लोगों ने जान गंवा दी है। इस संघर्ष से पड़ोसी देश भी प्रभावित हो रहे हैं। विभिन्न देश अपने दूतावास खाली करने के साथ वहां रह रहे अपने नागरिकों को बाहर निकालने के लिए काम कर रहे हैं। इसी बीच फ्रांस ने सूडान में फंसे लोगों को वहां से बाहर निकालने के लिए निकासी अभियान चलाया। दो उड़ानों ने करीबन 28 देशों के 388 लोगों को सूडान से बाहर निकाला। इसमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इस बात की जानकारी भारत में स्थित फ्रांस दूतावास से दी गई है। 

घर छोड़ने को मजबूर हुए नागरिक 
सूडान की राजधानी खार्तूम में करीब 50 लाख नागरिक रहते हैं। इन दिनों चल रहे हिंसा की वजह से लोग या तो केवल जरूरत की चीजें लेने के लिए बाहर निकलते हैं या फिर जो अपना घर छोड़कर जा रहे हैं वही लोग सड़कों पर दिखते हैं। हालात इतनी खराब हो गई है कि लोगों ने ईद और रमजान भी दुख और डर के साथ मनाया।

ईद-उल-फितर के एक दिन पहले कुछ घंटों के लिए युद्ध पर विराम दिया गया था। इसी दौरान कुछ लोगों को बाहर भी निकाला गया।