नई दिल्ली में आयोजित रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की अहम बैठक इस बार कई बड़े रक्षा प्रस्तावों पर निर्णय का मंच बन सकती है। यह बैठक नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), थल सेना प्रमुख और नौसेना प्रमुख की मौजूदगी में पहली बार हो रही है, जिससे इसके नतीजों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में भारतीय वायुसेना और नौसेना के लिए फ्रांस से आने वाली हैमर (HAMMER) प्रिसिजन-गाइडेड मिसाइलों की खरीद पर बड़ा फैसला संभव है। इसके साथ ही एलसीए तेजस और राफेल लड़ाकू विमानों की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए भी इन हथियारों को शामिल किए जाने की योजना पर चर्चा होगी। नौसेना के राफेल मरीन बेड़े के लिए भी इनका उपयोग प्रस्तावित है।
इसके अलावा बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली वर्बा (VERBA) की बड़ी खेप खरीदने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। यह सिस्टम भारतीय सेना की मौजूदा इगला मिसाइल प्रणाली का उन्नत संस्करण माना जा रहा है और इसे वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिहाज से अहम कदम बताया जा रहा है।
रक्षा सूत्रों के मुताबिक, बैठक में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक स्वदेशी मैन-पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (MP-ATGM) प्रणाली को भी मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव के तहत सेना के लिए 100 लॉन्चर, लगभग 2300 मिसाइलें और ट्रेनिंग सिमुलेटर खरीदे जाने की योजना है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2600 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है, और इसका उत्पादन भारत डायनेमिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा।
रक्षा मंत्रालय इस परियोजना में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है ताकि उत्पादन क्षमता को तेज किया जा सके।
इसके अलावा सॉफ्टवेयर-डिफाइंड रेडियो, कामिकेज ड्रोन, ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम और स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा और मंजूरी की संभावना जताई जा रही है।
बैठक को भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को गति देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।