पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और बढ़ते तनाव ने क्षेत्र की सुरक्षा को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इस बीच इराक के कुर्द इलाक़े एरबिल में शुक्रवार को हुए ड्रोन हमले ने हालात को और गंभीर बना दिया। हमले में फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई, जबकि अन्य कई सैनिक घायल हुए।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इस हमले की कड़ी निंदा की और मृतक सैनिक के परिवार व साथियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मृतक की पहचान 7वें अल्पाइन बटालियन के वारंट ऑफिसर आर्नॉ फ्रियोन के रूप में हुई है।
राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि फ्रांसीसी सैनिक आतंकवाद के खिलाफ मिशन में शामिल हैं और उनका कार्य केवल सुरक्षा और प्रशिक्षण तक सीमित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्रीय संघर्ष को इस हमले का औचित्य नहीं बनाया जा सकता।
एरबिल में हुए इस ड्रोन हमले में छह अन्य फ्रांसीसी सैनिक घायल हुए, जिनमें से एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। फ्रांसीसी सैनिक इस क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय मिशन के तहत तैनात हैं, जो इराकी सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण, खुफिया सहयोग और आतंकवाद विरोधी अभियानों में मदद करता है।
मैक्रों ने कहा कि फ्रांस ऐसे हमलों को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा और अपने सैनिकों के खिलाफ किसी भी हिंसा का सख्त जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ फ्रांस की प्रतिबद्धता को अडिग बताया और कहा कि सैनिक अपने मिशन को पूरी जिम्मेदारी और साहस के साथ जारी रखेंगे।
घटना के बाद एरबिल में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और हमले के पीछे जिम्मेदारों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है।