बांग्लादेश। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगातार हमलों का सिलसिला जारी है। सोमवार को जाशोर जिले के मणिरामपुर उपजिला में 45 वर्षीय राणा प्रताप की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार राणा को सिर में गोली लगी, जिससे वह मौके पर ही दम तोड़ गए। यह घटना पिछले तीन हफ्तों में हिंदुओं पर हुए पांचवे हमले के रूप में सामने आई है।
राणा प्रताप के पिता का नाम तुषार कांति बैरागी बताया गया है। वह केशवपुर उपजिला के अरुआ गांव का निवासी था। स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, राणा प्रताप कोपलिया बाजार स्थित वार्ड नंबर 7 में बैठा था, तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलियां चला दीं। राणा के शरीर में कई गोलियां लगीं और वह तुरंत ही मृत हो गए।
इस हमले के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। बताया जा रहा है कि इसी दिन बांग्लादेश में एक हिंदू विधवा के साथ भी हिंसक घटना हुई।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों की यह श्रृंखला लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले कुछ हफ्तों में दीपू चंद्र दास को एक कपड़े की फैक्ट्री में पीट-पीटकर मार दिया गया। इसके अलावा, अमृत मंडल नामक युवक की भी हत्या हुई, मयमनिंह जिले में बृजेंद्र बिस्वास को गोली मारी गई और खोकन दास को भीड़ ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन घटनाओं ने इलाके में समुदायों के बीच भय और असुरक्षा को बढ़ा दिया है, और स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा बढ़ाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।