कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मंगलवार को सभी 291 सीटों के उम्मीदवारों की सूची जारी की। इसके बाद से ही पार्टी के भीतर विरोध और आंतरिक कलह तेज हो गई है।
टिकट नहीं मिलने से सड़कें जाम और दफ्तरों में तोड़फोड़
सूची जारी होने के बाद कई जगह नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क अवरुद्ध कर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ स्थानों पर पार्टी कार्यालयों में भी तोड़फोड़ की घटनाएँ सामने आईं।
दक्षिण 24 परगना जिले के गोसाबा विधानसभा क्षेत्र में टिकट को लेकर तृणमूल के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान बिप्रदासपुर पंचायत के उपप्रधान और उनके समर्थक गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले का आरोप पंचायत प्रधान के पति और उनके समर्थकों पर है।
मंतेश्वर में झड़प, पुलिस को करनी पड़ी लाठीचार्ज
पूर्व बर्धमान जिले की मंतेश्वर सीट से मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी को फिर उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के दो गुटों के बीच जमकर झड़प हुई। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी दौरान एक कार्यकर्ता के घर में बम फेंके जाने का भी आरोप है।
सूत्रों के अनुसार, मंतेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष अहमद हुसैन और सिद्दीकुल्ला चौधरी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। चौधरी के नाम की घोषणा के बाद उनके समर्थकों ने पटाखे फोड़ने शुरू कर दिए, जिससे अहमद के गुट के साथ झड़प हो गई और दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए।
खंडघोष और नवीन बाग के नाम से पार्टी में नाराजगी
पूर्व बर्धमान के खंडघोष से नवीन बाग को उम्मीदवार बनाए जाने से स्थानीय पार्टी नेताओं में गुस्सा फैल गया। ब्लॉक अध्यक्ष, जिला परिषद और पंचायत सदस्य उनकी उम्मीदवारी के खिलाफ सामूहिक इस्तीफे की धमकी देने लगे। पार्टी के एक समूह का स्पष्ट कहना है कि वे किसी भी हालत में नवीन बाग को उम्मीदवार के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे।
मालूम हो कि इस बार TMC ने 74 sitting विधायकों के टिकट काट दिए हैं और नए, युवा चेहरों को मौका दिया है।
नाराज विधायकों ने जताया राजनीतिक असंतोष
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हुगली के बालगढ़ से टिकट नहीं मिलने पर विधायक मनोरंजन व्यापारी ने राजनीति छोड़ने का संकेत दिया। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, "कोई हमेशा के लिए नहीं रहता।"
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हुगली के चुंचुड़ा से तीन बार के विधायक असित मजूमदार ने भी कहा कि अब वे राजनीति नहीं करेंगे।
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उत्तर 24 परगना जिले के आमडांगा से तीन बार के विधायक रफीकुर रहमान ने पार्टी नेतृत्व से आग्रह किया कि नए उम्मीदवार के फैसले पर पुनर्विचार करें।
रहमान की जगह पीरजादा कासिम सिद्दीकी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद उनके समर्थकों ने आमडांगा-काकिनारा रोड जाम कर दिया, टायर जलाए और पार्टी के खिलाफ नारेबाजी की।