मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल-गैस संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे दुनिया को संकट में नहीं पड़ने देंगे और ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है, लेकिन उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना और मध्य पूर्व को संकट से बचाना है। “मैं ईरान को कभी परमाणु हथियार बनाने नहीं दूंगा,” उन्होंने स्पष्ट किया।

अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहरा संकट मंडरा रहा है। इसी बीच, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा जाएगा और उन्होंने कहा कि हर मौत का बदला लिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हड़कंप मच गया है।

होर्मुज स्ट्रेट: वैश्विक तेल मार्ग
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जिससे लगभग 20% वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है। ईरान द्वारा इस मार्ग को अवरुद्ध करने की धमकियों और संभावित हमलों से तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। मार्च 2026 की शुरुआत से ही कच्चे तेल की कीमतें $110 प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं और विश्लेषकों का कहना है कि यदि तनाव लंबा चला, तो कीमतें $150–200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं।

खामेनेई का कड़ा संदेश
मुज्तबा खामेनेई ने कहा कि ईरान अमेरिकी दबाव में नहीं झुकेगा। “होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा। हर मौत का बदला लिया जाएगा। किसी की शहादत को भुलाया नहीं जाएगा। अगर जरूरत पड़ी, तो हम मिडिल ईस्ट में अमेरिका के हर बेस पर हमला करेंगे।”

विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट मध्य पूर्व की नाजुक स्थिति और वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए गंभीर चुनौती पेश कर रहा है।