अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी है। अमेरिकी विमानवाहक पोतों की बढ़ती मौजूदगी के बीच ट्रंप ने कहा कि अब ईरान के पास अमेरिका के प्रस्तावित रास्ते पर चलने का समय है। अगर ईरान इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो परिणाम गंभीर होंगे।
ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस कार्यक्रम में कहा कि यदि ईरान हमारे साथ कदम मिलाकर चलता है तो यह क्षेत्र के लिए अच्छा रहेगा। लेकिन अगर वे साथ नहीं आते हैं, तो स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, क्योंकि उनका होना मध्य पूर्व में शांति के लिए खतरा है।
राष्ट्रपति ने स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की कूटनीतिक कोशिशों की सराहना करते हुए कहा कि ईरान के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत सही दिशा में जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के साथ एक मजबूत और संतुलित समझौता करना जरूरी है।
बोर्ड ऑफ पीस के बारे में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इसे 10 अरब डॉलर का योगदान देगा और संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संगठन मजबूत हो और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी मदद समय पर उपलब्ध हो।
इसके अलावा, ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस के पहले सम्मेलन में घोषणा की कि बोर्ड के नौ सदस्यों ने गाजा राहत पैकेज के लिए कुल 7 अरब अमेरिकी डॉलर देने का वादा किया है। इसमें कजाकिस्तान, अजरबैजान, यूएई, मोरक्को, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, उज्बेकिस्तान और कुवैत शामिल हैं। उन्होंने दानदाताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि खर्च किए गए हर डॉलर से स्थिरता और क्षेत्रीय सामंजस्य को बढ़ावा मिलेगा।
ट्रंप ने यह भी बताया कि फिलिस्तीनी क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक अनुमानित 70 अरब डॉलर में यह राशि केवल शुरुआती निवेश का हिस्सा है।