ढाका। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार रात नरसिंगदी जिले में अज्ञात हमलावरों ने 40 वर्षीय दुकानदार शरत चक्रवर्ती मणि उर्फ मोनी चक्रवर्ती की धारदार हथियार से हत्या कर दी। इससे कुछ घंटे पहले जेस्सोर जिले में एक अन्य हिंदू व्यापारी और समाचार पत्र के कार्यवाहक संपादक राणा प्रताप बैरागी (38) की सिर में गोली मारकर हत्या की गई थी।

दो दिसंबर, 2025 से अब तक बांग्लादेश में कम से कम 11 हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है। ‘बीडीन्यूज 24’ की रिपोर्ट के अनुसार, शरत चक्रवर्ती पर हमला उनके घर के पास ही हुआ। पलाश उपजिला पुलिस प्रमुख शाहेद अल मामून ने बताया कि चक्रवर्ती शिबपुर उपजिला के साधरचार यूनियन निवासी मदन ठाकुर के बेटे थे।

दुकान बंद कर घर लौट रहे थे शरत

स्थानीय लोगों के अनुसार, शरत चक्रवर्ती सोमवार रात अपनी किराना दुकान बंद करके घर लौट रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला किया। उन्हें तुरंत पलाश उपजिला स्वास्थ्य परिसर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया।

सोशल मीडिया पोस्ट में पहले ही जताई थी चिंता

स्थानीय मीडिया के अनुसार, 19 दिसंबर को शरत ने फेसबुक पर हिंसा पर चिंता जताते हुए अपनी जन्मभूमि को ‘मौत की घाटी’ बताया था। उनके रिश्तेदार प्रदीप चंद्र बर्मन ने हमले को सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि हमला करते समय हमलावरों ने उनका मोबाइल या मोटरसाइकिल भी नहीं छीना।

व्यापारियों का विरोध और मानव श्रृंखला

शरत की हत्या के विरोध में नरसिंगदी में 100 से अधिक व्यापारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर न्याय की मांग की। उन्होंने दोषियों की तुरंत पहचान और गिरफ्तारी की मांग की और चेतावनी दी कि 24 घंटे में कार्रवाई न हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में स्थानीय मार्केट एसोसिएशन और बांग्लादेश हिंदू महाजोत के नेता शामिल थे।

पिछले 35 दिनों में हिंदू समुदाय पर हमले

  • 2 दिसंबर, 2025: नरसिंगदी में 42 वर्षीय व्यापारी प्रांतोष कर्मकार की गोली मारकर हत्या।

  • 2 दिसंबर, 2025: फरीदपुर जिले में 35 वर्षीय मछली व्यापारी उत्पल सरकार की हत्या।

  • 7 दिसंबर, 2025: रंगपुर में 75 वर्षीय मुक्ति संग्राम के योद्धा जोगेश चंद्र राय और उनकी पत्नी सुबोर्ना राय की गला रेतकर हत्या।

  • 12 दिसंबर, 2025: कुमिला जिले में 18 वर्षीय ऑटो ड्राइवर शांतो चंद्र दास की हत्या।

  • 18 दिसंबर, 2025: मैमनसिंह के भलुका में 27 वर्षीय गारमेंट वर्कर दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला।

  • 24 दिसंबर, 2025: राजबाड़ी जिले में 30 वर्षीय अमृत मंडल की भीड़ ने हत्या।

  • 29 दिसंबर, 2025: मैमनसिंह जिले में अर्धसैनिक बल अंसार के सदस्य बजेंद्र बिस्वास को गोली मार दी गई।

  • 3 जनवरी, 2026: शरियतपुर में खोकन चंद्र दास पर चाकू से हमला, पेट्रोल डालकर आग लगाई।

  • 5 जनवरी, 2026: जेस्सोर में 38 वर्षीय कार्यवाहक संपादक राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या।

बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने दिसंबर में अब तक कम से कम 51 सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं दर्ज होने की जानकारी दी है। यह लगातार बढ़ती हिंसा स्थानीय हिंदू समुदाय में डर और असुरक्षा की भावना को बढ़ा रही है।