नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए ताजा सुरक्षा सलाह जारी की है। भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द सुरक्षित मार्गों का इस्तेमाल करते हुए ईरान छोड़ दें।

दूतावास की नई एडवाइजरी
भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर बिना उनकी अनुमति और समन्वय के प्रयास न करें। नागरिकों को हर कदम पर दूतावास के संपर्क में रहना होगा। इसके साथ ही दूतावास ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी साझा किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।

पहले दी गई थी रुकने की सलाह
तय समय पर हालात अत्यंत तनावपूर्ण होने के कारण, मंगलवार शाम को दूतावास ने नागरिकों से 48 घंटे तक अपने स्थान पर सुरक्षित रहने की सलाह दी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनी के बाद यह कदम उठाया गया था कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला, तो गंभीर सैन्य कार्रवाई हो सकती थी।

ईरान में कितने भारतीय मौजूद हैं
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के समय ईरान में लगभग 9,000 भारतीय थे। इनमें छात्र, कामगार और पेशेवर शामिल थे। अब तक 1,800 भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं, जबकि बाकी नागरिकों को भी सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी है।

सीजफायर के बावजूद सतर्कता जरूरी
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए संघर्ष विराम (सीजफायर) का ऐलान हुआ, लेकिन परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य नहीं मानी जा रही हैं। सरकार ने नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि
यह तनाव 28 फरवरी से शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए। इसके बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंता बढ़ गई, और भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।