भारत दौरे पर आए रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने भारत की कूटनीतिक भूमिका की खुलकर सराहना की है। मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत एक भरोसेमंद और संतुलित भूमिका निभा सकता है।
लावरोव के अनुसार, फिलहाल पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को सुगम बनाने में मदद कर रहा है, ताकि क्षेत्रीय तनाव को कम किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में किसी स्थायी मध्यस्थ की आवश्यकता होती है, तो भारत इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त देश हो सकता है, क्योंकि उसके पास व्यापक कूटनीतिक अनुभव और वैश्विक संवाद क्षमता है।
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि भारत और रूस अपनी विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर काम कर रहे हैं, ताकि दोनों देशों के व्यापार और निवेश पर बाहरी दबाव और प्रतिबंधों का प्रभाव कम किया जा सके।
प्रेस वार्ता में लावरोव ने बताया कि उन्होंने भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ विस्तृत बातचीत की। इन चर्चाओं में उन विषयों पर फोकस रहा, जिन पर पहले दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच सहमति बनी थी।
उन्होंने कहा कि भारत और रूस ने व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने पर जोर दिया है। दोनों देश ऐसे तंत्र विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे वैश्विक प्रतिबंधों और आर्थिक दबावों का असर कम किया जा सके।
लावरोव ने यह भी बताया कि दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही कनेक्टिविटी और परिवहन गलियारों को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई, ताकि आर्थिक सहयोग को और गति मिल सके।
रूसी विदेश मंत्री के इन बयानों को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत-रूस साझेदारी के विस्तार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।